मुंबई : हनीमून के लिए कतर गए पति-पत्नी 21 महीने बाद लौटे

जागरूक टाइम्स 290 Apr 15, 2021

मुंबई (ईएमएस) । 21 महीने तक बिना किसी गुनाह के नारकोटिक्स के एक फर्जी केस में कतर की जेल में बंद रहे मुंबई के ओनिबा और शरीक देर रात 2:35 पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे। कतर एयरवेज की फ्लाइट नंबर QR556 से बाहर निकलते ही पति-पत्नी अपने आंसू नहीं रोक सके। उनके साथ जेल में ही पैदा हुई उनकी एक साल की बच्ची भी थी।

दोनों का पूरा परिवार कई घंटे से बाहर इंतजार में खड़ा था। उनसे मिलकर सभी एक दूसरे के गले लगकर रोने लगे। तीनों की वतन वापसी में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा की बड़ी भूमिका रही। मुंबई पहुंचने के बाद शरीक ने NCB और भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, NCB सरकार और मीडिया मदद नहीं करती हो हम बाहर नहीं आ सकते थे। मुझे यह बैग मेरी आंटी ने दिया था और अब हम चाहते हैं कि उन्हें भी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। दो साल बाद वतन लौटने पर मुझे बेहद खुशी हो रही है।'

बैग से बरामद हुई थी चार किलो चरस
6 जुलाई 2019 को कतर के हम्माद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मुंबई से गए ओनिबा और शरीक के बैग से चार किलो चरस बरामद हुई थी। शरीक ने उस दौरान यह कबूल किया था कि बैग उसी का है, लेकिन इसमें चरस कैसे आई यह इसे पता नहीं है। इसके बाद कतर की अदालत में मामला गया और सबूत खिलाफ होने के कारण दोनों को 10 साल की सजा सुनाई गई।


सगी बुआ ने दिया था धोखा
ओनिबा और शरीक के जेल में रहने के दौरान इनके परिवार ने भारत में NCB से मदद मांगी। NCB के डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा की अगुआई में इस मामले में जांच शुरू हुई। शरीक के मोबाइल फोन की जांच के बाद NCB को उनकी बेगुनाही का पहला सबूत मिला। इसमें उसकी सगी बुआ तबस्सुम की वो आवाज कैद थी, जो ये बता रही थी कि कैसे उसने पान के जर्दा के नाम पर शरीक के बैग में चरस रख दिया था।



नए सबूतों के आधार पर फिर से हुई मामले की सुनवाई
दोनों की बेगुनाही के कुछ और सबूत NCB को मिले और डिप्लोमैटिक लेवल पर इन्हें बाहर निकालने का प्रयास शुरू हुआ। इनकी बेगुनाही का सबूत प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजा गया। इसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रयास से 11 जनवरी 2021 को कतर की ऊपरी अदालत ने नए सबूतों के आधार पर निचली अदालत को फिर से मामले की सुनवाई का हुक्म दिया। निचली अदालत ने मामले में सुनवाई फिर से की और ओनिबा और शरीक को 29 मार्च यानी होली और शब-ए-बारात के दिन बरी कर दिया।

बड़े ड्रग्स सिंडिकेट का हुआ था पर्दाफाश
नारकोटिक्स ने मुंबई में मामले की जांच के दौरान एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश भी किया, पिछले साल इस मामले में कुछ लोगों को अरेस्ट भी किया गया। MEA ने इसमें नोटिस लेते हुए कतर की सरकार से बातचीत की और मामला कतर की कोर्ट में गया। कतर की कोर्ट ने NCB की जांच को सही माना और 29 मार्च 2021 को दोनों को बाइज्जत बरी कर दिया। जेल से कागजी कार्रवाई के बाद दोनों 15 अप्रैल की रात मुंबई पहुंचे।


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