आईसीयू में भर्ती कोविड मरीजों को मनोरंजन के जरिये राहत दे रही सरकार

जागरूक टाइम्स 20 Nov 13, 2020

- तनाव, दहशत और आशंका से उबारने की कोशिश

मुंबई, (ईएमएस)। अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों को बीमारी से ज्यादा तनाव, दहशत और आशंका खाए जा रही है. बड़ी-बड़ी मशीनों के बीच पीपीई किट पहने स्वास्थ्यकर्मी और कई घंटे एकांत में रहने के कारण मरीज मानसिक रोगों का शिकार हो रहे हैं. इससे उनकी हालत और बिगड़ती जा रही है. ये मरीज़ बहुत बेचैन और घबराहट में रहते हैं. उन्हें मौत का खतरा, डरावने सपने, अनिद्रा और मतिभ्रम हो जाता है. वह हर वक्त अलग-अलग चीजों के लिए छटपटाते हैं. इतनी गंभीर अवस्था में अस्पताल में आने वाले मरीज बीमारी को लेकर आशंका में रहते हैं कि वे बच भी पाएंगे या नहीं. घरवालों से उनका संपर्क हो पाएगा या नहीं. मुंबई के अस्पतालों में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. डॉक्टरों ने इस स्थिति को ‘आईसीयू साइकोसिस' नाम दिया है, जहां मरीज वायरस से ज्यादा भयावह स्थिति के कारण जल्द ठीक नहीं हो पा रहा है. कुछ मरीज़ों ने तो इस कारण जान भी गंवा दी है.

आईसीयू में भर्ती कोविड के लगभग सभी मरीज़ ‘आईसीयू साइकोसिस' यानी एक तरह के मानसिक डिसॉर्डर से गुज़र रहे हैं. बहकी-बहकी बातें, वहम, और भ्रम का शिकार ये मरीज जल्द ठीक नहीं हो पाते हैं. इन बातों को ध्यान में रखते हुए मुंबई महानगरपालिका ने मरीजों को ऐसे मेंटल डिसऑर्डर से बचाने के लिए उनकी काउंसिलिंग औऱ मनोरंजन की सुविधा देना शुरू किया है. ताकि वे शारीरिक के साथ मानसिक तौर पर मजबूत हो सकें. अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश ककानी कहते हैं कि मनपा ने गंभीर मरीज़ों के लिए आईसीयू के अंदर ही मनोरंजन की सुविधा मुहैया कराई है. मरीज़ों का फोन पर फिल्म देखने, गेम खेलने, संगीत, पढ़ना, पहेली सुलझाना, साथी मरीजों से बात करना, वीडियो-कॉल और मेडिटेशन जैसी सहूलियत दी जा रही है.


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