राजस्थान से मुंबई आने वाले परेशान, ट्रेन चलाओ सरकार!

जागरूक टाइम्स 494 Oct 2, 2020
नीरज दवे जागरूक टाइम्स

मुंबई। राजस्थान से मुंबई आने वाले परेशान हैं। ट्रेनें नहीं हैं। कैसे आएं। देश भर में लॉकडाउन खुल गया है। कोरोना काल में लगी सारी रोक खोलकर सरकार द्वारा सामान्य लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाईं जा रही हैं। सरकारी तौर पर भी एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में आवाजाही पर कोई बंदिश नहीं है। मारवाड़ से मुंबई आने के लिए रोज हजारों लोग तैयारी करके बैठे हैं। लेकिन टिकट नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि मुंबई व राजस्थान के बीच केवल दो स्पेशल ट्रेनें ही चल रही है। जयपुर से मुंबई के लिए कोटा होते हुए एक ट्रेन है एवं जोधपुर से फालना होते हुए एक ट्रेन है। केवल इन दो स्पेशल ट्रेनों के अलावा कोई साधन नहीं होने से लाखों लोग परेशान हैं। राजस्थानी रेल यात्रियों के लिए रेल सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए चार दशक से संघर्ष करने वाली संस्था राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ ने भी रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर ट्रेनें फिर से यथावत शुरू करने की मांग की है। लेकिन सरकार सुन ही नहीं रही है।

मारवाड़, शेखावाटी, मेवाड़, हाड़ौती, वागड़ आदि राजस्थान के विभिन्न इलाकों के लोग मुंबई एवं आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में रहते हैं। मुंबई शहर सहित विरार, वसई, नालासोपारा, भायंदर, मीरा रोड, ठाणे, भिवंडी, कल्याण, डोंबिवली, बदलापुर, उल्हासनगर, पनवेल, नवी मुंबई आदि में लगभग 30 लाख से ज्यादा राजस्थानी लोग काम धंधा करते हैं। उनमें से कई तो मुंबई आ गए हैं, लेकिन लाखों लोग ट्रेनों के न होने के कारण नहीं पहुंच पा रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से लंबी दूरी की सारी ट्रेनें छह महीने पहले बंद कर दी गई थीं। उस समय हर तरफ सब कुछ बंद ही था। लेकिन अब, जब बहुत कुछ खुल गया है और लगातार खुलता जा रहा है। लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री पीयूष गोयल से सवाल पूछ रहे हैं कि जब सब कुछ खुला हो तो ट्रेनों को बंद रखने का क्या कारण है।

विभिन्न रेलवे पैसेंजर एसोसिएशनों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं व राजनीतिक दलों के लोगों की मांग है कि मुंबई में खुलती व्यापारिक गतिविधियों एवं उनको संचालित करने वाले लोगों की सुविधा के लिए राजस्थान से मुंबई के बीच सामान्य रेल सेवाएं फिर से बहाल की जाएं, ताकि लाखों लोगों की परेशानी खत्म हो सके। मुंबई में भी व्यापार खोल दिया गया है। सारे बाजार खुलने लगे हैं। सारे कॉर्पोरेट ऑफिस खुले हैं। आर्थिक गतिविधियां फिर से ठीक होने लगी हैं। लेकिन राजस्थान से मुंबई आने वालों के लिए सामान्य ट्रेनें बंद हैं। सातवां महीना चल रहा है। कमाई बंद है और काम धंधा भी ठप। मजदूर से लेकर नौकरीपेशा और व्यापारी से लेकर उद्योगपति हर कोई फिर से शुरुआत करना चाहता है, लेकिन लंबी दूरी की ट्रेनों के चलने का इंतजार है। अगर कुछ दिन और ऐसा ही चलता रहा, तो साफ है कि लोगों का गुस्सा फूट सकता है। क्योंकि एक तो काम धंधा नहीं है, पैसा खत्म हो गया है। लोग काम करना चाहते हैं, सरकार बाजार भी खोल रही है। लेकिन ट्रेनें नहीं चला रही है, तो बाजार क्या खाक खुलेंगे।

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