मुंबई सिटी सेंटर मॉल आग मामला : जालोर-सिरोही प्रवासियों की करीब एक हजार दुकानें

जागरूक टाइम्स 277 Oct 24, 2020

मुंबई के नागपाड़ा इलाके में स्थित मशहूर सिटी सेंटर मॉल में गुरुवार रात लगी भीषण आग शुक्रवार शाम तक काबू में नहीं की जा सकी। आग बुझाते दमकल के दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल भी हो गए। जिनको उचित इलाज देने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। गुरुवार रात को लगी आग पर काबू पाने के लिए 24 फायर इंजन और छह पानी के टैंक मौके पर तैनात हैं। आग इतनी विकराल थी कि शुक्रवार शाम बाद तक आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी थीं। इस मॉल में अधिकांश दुकानें जालोर, सिरोही और बाड़मेर जिले के प्रवासी राजस्थानियों की हैं। जिन्हें आगजनी की इस घटना से भारी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि इस विकराल अग्निकांड में किसी प्रकार की कोई जन हानि नहीं हुई। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

मुंबई के सिटी सेंटर मॉल में गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे आग भड़की थी। रात करीब पौने नौ बजे सूचना मिलने के बाद दमकल की गाडिय़ां यहां आग बुझाने पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो रात में दमकल की तकरीबन तीस गाडिय़ां आग बुझाने के काम में जुटीं रहीं। मॉल में तेजी से फैली आग की लपटों को काबू करने में दमकलकर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

बदलता रहा आग का 'स्तर'
मुंबई के सिटी सेंटर में भड़की आग को शुरुआत में 'स्तर-एक' यानी 'मामूली श्रेणी' में रखा गया था लेकिन इसे रात 10 बजकर 45 मिनट पर 'स्तर-तीन तक बढ़ा दिया गया और बाद में यह और भयानक होकर देर रात दो बजकर 30 मिनट पर 'स्तर-चार' तक पहुंच गई। शुक्रवार सवेरे होते-होते आग का स्तर 'स्तर-पांच, तक पहुंच गया। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस भीषण अग्निकांड का असर भी प्रचंड रहा है। आग की विकरालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को पूरा दिन बीत जाने के बावजूद आग पर काबू पाने की कोशिशें लगातार जारी थीं।

जालोर जिले के सर्वाधिक व्यापारी
मुंबई के सिटी सेंटर मॉल में अधिकांश दुकानें प्रवासी राजस्थानियों की हैं। जो बरसों से यहां कारोबार कर रहे हैं। राजस्थान के जालोर, सिरोही, बाड़मेर-बालोतरा समेत पश्चिम राजस्थान के कई गांवों-कस्बों में रहने वाले लोगों की इस बाजार में दुकानें हैं। इनमें भी सर्वाधिक प्रवासी राजस्थानी व्यापारी जालोर जिले से हैं। जिनमें लाखों-करोड़ों का माल हमेशा रहता है। बाजार में मोबाइल, मोबाइल एसेसरीज समेत रेडीमेड कपड़ों-जूतों के प्रतिष्ठान सर्वाधिक हैं। अग्निकांड में हुए कुल नुकसान का फिलहाल कोई आकलन नहीं हो पाया है।

इसी दौरान दो दमकलकर्मी घायल भी हो गए। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी भेजा गया। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आगजनी की गंभीरता को देखते हुए मॉल के पास स्थित एक अन्य इमारत से 3500 लोगों को एहतियात के तौर पर बाहर निकाला गया। नगर निकाय के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सिटी सेंटर मॉल में गुरुवार रात आठ बजकर 53 मिनट पर आग लगी और आग पर काबू पाने की कोशिश में दो अग्निशमन कर्मी भी घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद घर भेज दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि इस मॉल में एक भूमिगत तल के साथ तीन मंजिल हैं और यहां से करीब 300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बताया कि दमकल के 24 इंजन और 16 बड़े टैंकर समेत दमकल की कुल 50 गाडिय़ां आग पर काबू पाने के काम में जुटी हुईं हैं। इसके अलावा 250 से अधिकारी अधिकारी और दमकलकर्मी भी मौके पर तैनात हैं।

आग बुझाने की कोशिश के दौरान एक दमकल कर्मी का दाहिना हाथ मामूली रूप से जख्मी हो गया, जिसके बाद उसे निकटतम जेजे अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत स्थिर है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने जागरूक टाइम्स को बताया कि आग मॉल की दूसरी मंजिल पर स्थित एक मोबाइल की दुकान में लगी थी। इस मंजिल पर ज्यादातर दुकानें मोबाइल और उससे जुड़ी सामग्रियों की ही हैं। बीएमसी ने बताया कि मॉल के पड़ोस में स्थित 55 मंजिला ओर्चिड एन्क्लेव के 3500 लोगों को एहतियात के तौर पर बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि मॉल की दूसरी मंजिल पर स्थित एक दुकान में रखे मोबाइल बैटरियों के एक बॉक्स में धमाके के बाद आग की लपटें उठीं। जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।


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