मारवाड़ में कोरोना, मुंबई में डर

जागरूक टाइम्स 492 Oct 1, 2020

मुंबई। कोरोना संक्रमण अब देश के ग्रामीण इलाकों में बहुत तेजी से फैल रहा है। लोग बीमार भी बहुत हो रहे हैं, तो मरने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ भी रही है। प्रवासी चिंतित हैं। मारवाड़ और मेवाड़ का गांवों में कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है। मुंबई में रहने वाले प्रवासियों को अपने गांवों से रोज किसी के मरने की तो कइयों के संक्रमित होने की खबरें मिल रहीं हैं। मुंबई में लॉकडाउन शुरू होने पर मार्च व अप्रेल महीने में ज्यादातर लोग गांव चले गए थे, क्योंकि मुंबई-पुणे में हालात बहुत गंभीर थे। लेकिन अब धीरे-धीरे वापसी का दौर शुरू है। बड़ी संख्या में लोग वापस मुंबई-पुणे आ चुके हैं, तो अब मारवाड़-मेवाड़ से मरने व संक्रमित होने की खबरें आ रहीं हैं। राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में बेहतरीन काम हो रहा है। इसीलिए अन्य प्रदेशों के मुकाबले वहां स्थिति नियंत्रण में है। राजस्थान में कोरोना के मरीजों की संख्या अब तक 1 लाख 36 हजार के मुकाबले महाराष्ट्र में 13 लाख 66 हजार यानी दस गुना ज्यादा है। जबकि आबादी के मामले में राजस्थान के मुकाबले महाराष्ट्र केवल दुगुना ही है।

जानकारों का कहना है कि ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में गांवों तक कोराना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए अब भी हमारे पास समय है। अभी राज्यों के पास दो मुख्य विकल्प हैं। पहला तो यह कि ज्यादा टेस्टिंग किए जाएं और दूसरा जागरुकता कार्यक्रम। क्योंकि देश में और खासकर राजस्थान के मारवाड़ व मेवाड़ इलाके के जोधपुर, पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौडग़ढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा आदि जिलों के गांवों और कस्बों में अभी भी लोग मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं के प्रति सतर्क नहीं हैं। जागरुकता कार्यक्रम के जरिए लोगों को सतर्क किया जा सकता है।

मारवाड़ के सांचौर, भीनमाल, रानीवाड़ा, जालोर, आहोर, शिवगंज, सिरोही, रेवदर, पिंडवाड़ा, आबूरोड, सुमेरपुर, तखतगढ़, सांडेराव, फालना, बाली, सादड़ी, घाणेराव, देसूरी, रानी, चाणोद, पाली, सोजत, मारवाड़ जंक्शन आदि कस्बों व इनके आस-पास के गांवों में कोरोना फैलने से मुंबई में रहने वाले प्रवासी बहुत परेशान हैं। मेवाड़ से भी हर रोज हर गांव से किसी न किसी के मरने या संक्रमित होने की खबर मुंबई-पुणे में पहुंच रही है। माना जा रहा है कि गांवों और कस्बों में हालत इसलिए खतरनाक हैं, क्योंकि गांवों व कस्बों में लोग संक्रमण से बचाव के लिए मास्क, सेनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे प्राथमिक तरीके अपनाने के प्रति भी लापरवाह ही दिख रहे हैं। फिर खतरनाक बात यह है कि कोरोना संक्रमण का निशाना वृद्ध लोग ज्यादा हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में बुधवार की सुबह तक कोरोना से कुल 1 लाख 36 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पाली जिले में संक्रमित लोगों की संख्या 5767 एवं मरने वालों की संख्या 63 से आगे निकल रही है। सिरोही जिले में 1994 लोग संक्रमित हैं एवं 22 लोग मर चुके हैं। इसी तरह जालोर जिले में 2376 लोग संक्रमित हैं और अब तक 22 लोग मारे जा चुके हैं। राजस्थान में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें जयपुर जिले में 320 और जोधपुर जिले में 143 हुई हैं। इसी तरह संक्रमण संख्या के मामले में भी ये ही दोनों जिले सबसे आगे हैं, जहां जयपुर में 21 हजार 502 लोग संक्रमण के शिकार हुए हैं, वहीं जोधपुर जिले में संक्रमित लोगों की संख्या 20 हजार 127 हो गई हैं। ये आंकड़े बुधवार की सबह 11 बजे तक के हैं।


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