सिरोही : असहाय बेटे के साथ साक्षात्कार - कलक्टर साहब मेरा परिवार भूखा है मुझे रोजगार दो

IANS | Jun 23, 2020

सिरोही। कोरोना संक्रमण कोविड-19 महामारी के चलते सरकार के लॉकडाउन के बाद गरीब परिवार के उपर आर्थिक संकट से परेशान है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत नयासानवाड़ा निवासी ओबाराम देवासी टीबी की बिमारी से ग्रस्त है। परिवार का लालन पालन करने वाली ओबाराम की पत्नि तीजादेवी लॉकडाउन के बाद गठिया रोग से पीडि़त होने से मजदूरी नही कर पा रही है। परिवार का बोझ ओबाराम के बेटे सदाराम पर आ गया है। लेकिन रोजगार नही मिलने के कारण परिवार के भूखे मरने की नौबत आ गई है। ओबाराम के बेटे की उम्र 17 वर्ष होने से उसे मनरेगा में कार्य नही मिल रहा है। ओबाराम के बेटे ने मनरेगा कार्य में मजदूरी के लिए कई बार ग्राम पंचायत में आवेदन किया। लेकिन उम्र कम होने के कारण उसे रोजगार नही मिल रहा है। ओबाराम का बेटा झाडोली में संस्कृत विद्यालय में कक्षा 10वीं में पढ़ाई करता है। परिवार की इतनी हालत खराब है की उनको दो वक्त का भोजन नसीब नही हो रहा है। जिला प्रशासन इस परिवार को आर्थिक सहायता दे या ओबाराम के बेटे सदाराम को मनरेगा में रोजगार दे।

मेरे मां-बाप भूखे है
सरकारी ने गरीब परिवारों को आर्थिक संकट से निजात दिलाने के लिए कई योजना संचालित कर रखी है। लेकिन इस गरीब परिवार को आज दिन तक योजनाओं का लाभ नही मिला है। परिवार का मुखिया टीबी की बिमारी से ग्रस्त है और जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। जीवन के संघर्ष में बीच भंवर में अटकी किश्ती को पार लगाने की कोशिश कर रही तीजादेवी भी अचानक गठिया रोग ने पीडि़त हो गई। परिवार के दोनों सदस्य अब बिस्तर में पड़े हुए है। परिवार की माली हालत खराब देखकर बेटे का कलेजा पीस गया। उसने भूखे मां-बाप को दो वक्त की रोटी मिले उसके लिए। मजदूरी करने का फैसला किया लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण मजदूरी नही मिल रही है। रोजगार का एक मात्र आंस अब मनरेगा पर थी। उसने ग्राम पंचायत में गुहार लगाई मेरे मां-बाप भूखे है साहब मुझे रोजगार दो लेकिन ग्राम पंचायत ने सदाराम देवासी की उम्र कम होने की दुहाई दी ओर सीधा घर का रास्ता दिखा दिया। देवासी समाज हर कोई इस परिवार की माली हालत खराब देखकर चिंतित है।