बाड़मेर में रोडवेज कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

IANS | Sep 25, 2020

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक राजस्थान से जुड़े रोडवेज के कर्मचारियों ने बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर रोडवेज के निजीकरण का विरोध करते हुए जिला कलक्टर के मार्फ़त राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक एवं रोडवेज के कार्मिको ने बताया कि केंद्र सरकार ने अपने 100 दिन के शासन काल में ही 44 श्रम कानूनों को देश के नैगमिक औधोगिक घरानो, पूंजीपतियों के पक्ष में बदलने का काम किया। वेजकोड बिल पारित करके केंद्र सरकार ने देश के मजदूर वर्ग पर हमला बोला। जिससे मजदूर वर्ग के कर्मचारियों की आर्थिक दशा दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है।

कांग्रेस इंटक ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ती बेरोजगारी एवं महंगाई पर रोक लगाने, श्रम कानूनों में किए गए संशोधनों को पुनः निस्रस्त करने, 44 श्रम कानूनों में किए गए बदलाव को वापस लेने, कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 21000 करने, ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर सभी श्रमिकों को सामान काम के लिए सामान वेतन देने के साथ वेतन भत्ता एवं अन्य सुविधाएं दिलवाने, मजदूर आंदोलन में पुलिस हस्तक्षेप को ख़त्म कर ट्रेड यूनियन पंजीकरण में मालिक प्रशासन और सरकार की दखलंदाजी बंद करने समेत 12 सूत्रीय मांगपत्र राष्ट्रपति के नाम सौंपा। साथ ही मांगे नहीं माने जाने पर आगामी दिनों में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक द्वारा प्रदेश भर में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी.

इसके साथ ही रोडवेज एशोसिएशन ने जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर वृद्धिचंद जैन केंद्रीय बस स्टैंड एवं सिणधरी चौराहे के आसपास नो पार्किंग जॉन में खड़े रहने वाले निजी बस संचालको एवं अवैध वाहनों से मुक्ति दिलाने की मांग की. रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि सिणधरी सर्किल पर अवैध वाहनों की भरमार होने से यहाँ का यातायात बाधित हो रहा है. वहीँ निजी बस संचालको के मनमाने रवैये रोडवेज प्रबंधन को भी राजस्व का नुक्सान हो रहा है. रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि गत दिनों जिला प्रशासन ने सिणधरी चौराहे पर वाहनों के ठहराव पर रोक लगाई थी बावजूद इसके निजी वाहन संचालक एवं अवैध वाहन चालको की मनमानी जिला प्रशासन के आदेशों पर हावी हो रही है. रोडवेज कर्मचारियों के अनुसार इस सम्बन्ध में परिवहन विभाग समेत जिला प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया है लेकिन इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है. रोडवेज एशोसिएशन ने मांग की है कि नो पार्किंग जॉन में खड़े वाहनों एवं विभिन्न रूटों पर अवैध रूप से चलने वाले निजी वाहनों एवं उनके संचालको के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर उन्हें पाबन्द किया जाए.