जोधपुर : रोडवेज में चक्काजाम से निजी बस संचालक कूट रहे चांदी

IANS | Sep 19, 2018

जोधपुर। राजस्थान रोडवेज की प्रदेशव्यापी चक्काजाम हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। ऐसे में निजी बस संचालक इस हड़ताल का पूरा फायदा उठा रहे है। वे बस यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे है। वहीं तीन दिन से चल रही हड़ताल से राज्य सरकार को भी करोड़ों रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को केन्द्रीय बस स्टैंड पर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की।

रोडवेज बसों के चक्के बुधवार को भी थमे रहे। इस हड़ताल से हजारों यात्री आज भी परेशान रहे। यात्री निजी बसों व रेलों में सफर करने को मजबूर हो गए है। पहीं मनमाने किराये से निजी बस ऑपरेटर अपनी चांदी कूटने में लगे है। हड़ताल के कारण यात्री बेबस नजर आ रहा है। खासतौर से वे यात्री जिन्होंने सुविधाजनक यात्रा के लिए अपना टिकट रिजर्व करा रखा है। ऐसे यात्री राइका बाग बस स्टैंड आते है और निराश होकर लौट जाते है। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का आज तीसरा दिन है। रोडवेज कर्मचारी धरना देकर प्रदर्शन भी कर रहे है। डिपो से बसों का परिचालन बंद होने से यात्री अधिक किराया देकर निजी गाडिय़ों में यात्रा करने के लिए मजबूर है।

प्रतिदिन 15 लाख का नुकसान
रोडवेज को भी रोजाना करीब 15 लाख रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। रोडवेज बसों के पहिए थमने से प्रतिदिन प्रदेश के करीब 10 लाख यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हड़ताल से जोधपुर डिपो में तीन दिन में करीब चालीस लाख रुपए राजस्व घाटा हुआ और चालीस हजार यात्रीभार रोडवेज का इंतजार करता रहा। रोडवेज की हड़ताल के कारण सरकार का राजस्व कम हो रहा है वहीं अवैध और परमिटधारी बसों के मालिकों की चांदी हो रही है। वे हड़ताल का फायदा उठाकर मनचाहा किराया वसूलने में लगे हुए है। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि बीते जुलाई में हड़ताल के दौरान सरकार ने संयुक्त मोर्चेे के साथ 27 जुलाई को एक समझौता किया था। इस समझौते में राज्य सरकार ने उनके सभी मुख्य मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया था लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है। मजबूर होकर वे सभी फिर हड़ताल कर रहे है।