भारतीय क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा, चल पड़ा विराट जादू...!

जागरूक टाइम्स 146 Jul 14, 2018

आयरलैंड के साथ हुई भिड़ंत को अगर बहुत तवज्जो न भी दें तो भी इंग्लैंड में मौजूदा भारतीय टीम के पास यह कहने का अभी से हक हो गया है कि वह अंग्रेजों पर भारी पड़ रही है। पहले टी-20 सीरीज जीतना और फिर पहले एक दिवसीय मैच को एकतरफा बना देना भारतीय टीम की ताकत की कहानी खुद ब खुद बयान कर रही है। इसे देखकर लगता है कि अफगानिस्तान के साथ एकमात्र टेस्ट मैच में न खेलने का विराट का निर्णय सही था। गौरतलब है कि अफगानिस्तान के विरुद्ध उसके ऐतिहासिक पदार्पण टेस्ट में खेलने की बजाय, विराट ने शेष टीम से पहले इंग्लैंड पहुंचकर दौरे की तैयारी हेतु काउंटी क्रिकेट खेलने की योजना बनाई थी। क्योंकि हम सब जानते हैं कि इसी तैयारी के अभाव में भारतीय टीम अपने पिछले इंग्लैंड दौरे में बुरी तरह से पिट गई थी।

हालांकि विराट की यह योजना बस सोचने तक ही सीमित रही क्योंकि टीम के सीओए विनोद राय के मुताबिक आईपीएल के दौरान विराट की गर्दन में चोट लग गई थी, जिसे देखते हुए डॉक्टर की सलाह थी कि उन्हें इस दौरान आराम करना चाहिए। विराट ने यही किया। जो उनके मुताबिक उनके लिए बहुत लाभदायक साबित हुआ। विराट के खुद के शब्दों में ‘अगर देखा जाए तो यह आराम मेरे लिए सबसे अच्छी वस्तु हुई। हालांकि सच यही है कि मैं वहां जाकर परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना चाहता था, क्योंकि वहां हमने बहुत अधिक मैच नहीं खेले हैं। हम पूरे चार साल बाद इंग्लैंड खेलने जा रहे थे। यह काफी लंबा वक्त होता है। खिलाड़ी, खासकर जो बहुत अनुभवी न हों वे यह भूल जाते हैं कि जब आखिरी बार हमने यहां खेला था, तब परिस्थितियां कैसी थीं। ‘कहने की जरूरत नहीं है कि विराट ने इस योजना से जो कुछ पाना चाहते थे वह किसी हद तक उन्हें आराम से भी मिल गया है। क्योंकि अभी तक खेले गए मैचों में विराट ने हमेशा की तरह न केवल अच्छी बल्लेबाजी की है बल्कि में उनकी कप्तानी में भी निखार आया है।

एक टी-20 मैच में कुलदीप यादव के बुरी तरह से पिट जाने के बावजूद उन्होंने पहले एक दिवसीय मैच में कुलदीप पर भरोसा किया और कुलदीप ने मैच को एकतरफा बनाने में रोहित शर्मा के साथ बराबर की भूमिका निभाई। अभी तक के परफोर्मेंस के हिसाब से देखें तो भारतीय टीम ने न केवल इंग्लैंड में बहुत संतोषजनक अंदाज में टी-20 सीरीज जीती है बल्कि बेहद असरदार ढंग से एक दिवसीय श्रृंखला की शुरुआत की है। अब जीत के जज्बे से भरी भारतीय टीम को हराना बहुत भी मुश्किल होगा। कप्तान विराट कोहली की बॉडी लैंग्वेज भी ऐसा ही कुछ कहने लगी है। जब प्रेस कांफ्रेंस में उनसे किसी पत्रकार ने चार साल पहले की बात छेडऩे की कोशिश की तो उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड के पिछले दौरे को अब हम भूल चुके हैं यह 2014 नहीं 2018 है। हमारी टीम मौजूदा दौरे का लुत्फ उठा रही है। आप सब जानते हैं कि जब मैं और मेरी टीम अपने रंग में होती है तो हम बहुत अच्छा खेलते हैं, इस बार हम अपने रंग में है। हमें यह मत बताइए कि हमें आगे कैसी चुनौती मिलेगी। ‘ये शब्द और अंदाज बता रहे हैं कि विराट और भारतीय टीम किस तरह के आत्मविश्वास से लबरेज है।

उल्लेखनीय है कि जब 2014 में भारतीय टीम का इंग्लैंड दौरा हुआ था तब कोहली एक अर्धशतक भी नहीं बना सके थे। हालांकि यह भी सही है कि इसी इंग्लैंड में 2016-17 में संपन्न चैम्पियन ट्राफी में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। विराट कोहली का मौजूदा इंग्लैंड दौरे में न केवल बल्लेबाजी में आत्मविश्वास चमक रहा है बल्कि उनकी कप्तानी की झोली में भी रिकार्डों की बारिश हो रही है। गौरतलब है कि इंग्लैंड दौरे के पहले एक दिवसीय मैच के साथ ही कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने अब तक 50 वन-डे खेले हैं, जिसमें उनकी जीत का प्रतिशत करीब 78 है। कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 50 में से 39 मुकाबले जीते हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है। इस मामले में वह वेस्टइंडीज के पूर्व महान कप्तान क्लाइव लॉयड और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ संयुक्त रूप से नंबर एक पर हैं। अगर सिर्फ शुरुआती 25 वन-डे मुकाबलों में उनकी कप्तानी की बात की जाए तो वह दुनिया के किसी भी कप्तान से बेहतर हैं। कोहली के नेतृत्व टीम इंडिया ने सभी द्विपक्षीय वन-डे सीरीज अभी तक जीती हैं। इनमें दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका में मिली कामयाबी भी शामिल हैं। हालांकि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में शिकस्त जरूर झेलनी पड़ी थी। विराट कोहली की अगुवाई में टीम ने लगातार छह टी20 सीरीज भी अपने नाम की है ।

पिछले दिनों आस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से जब पूछा गया कि उनकी नजरों में इस समय दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कौन है तो उनका कहना था, ‘नि:संदेह अभी विराट कोहली हैं।’ हालांकि दूसरे चतुर आस्ट्रेलियाइयों की तरह ही उन्होंने इसमें अगर मगर की एक थेगली लगा दी कि विराट इसलिए अच्छे हैं क्योंकि आस्ट्रेलिया की टीम में स्टीव स्मिथ नहीं खेल रहा है। अगर स्टीव स्मिथ खेल रहा होता तो दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी का मेरा वोट उसे जाता। पोंटिंग का मानना है कि स्मिथ का ऑस्ट्रेलिया की कई जीत विशेषकर एशेज में शानदार प्रदर्शन से वह कोहली से बेहतर बल्लेबाज बन जाता है। लेकिन भारत के पूर्व कप्तान और मौजूदा एक दिवसीय टीम के एक खिलाड़ी एमएस धोनी ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को न केवल एक बेहतर बल्लेबाज बल्कि एक बेहतर कप्तान भी करार दिया है। कुछ महीनों पहले धोनी ने एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान कहा, ‘मेरा हमेशा से मानना है कि अच्छा कप्तान वही है जो व्यक्तिगत तौर पर लोगों को समझे। अगर आपको किसी खिलाड़ी की ताकत और कमजोरी का पता हो तो आप उसे सही सलाह दे सकते हैं।’ विराट को अपने खिलाडिय़ों की परख है तभी तो वह एक मैच में पिटे कुलदीप को उतार देते हैं और वह 6 विकेट ले लेते हैं। इन सब बातों को देखते हुए कहा जा सकता है कि मौजूदा इंग्लैंड दौरे में विराट का जादू चल गया है। अगर कोई अनहोनी नहीं होती तो इस बार भारतीय टीम इंग्लैंड से तीनों फोर्मेट में अपना झंडा गाडक़र आएगी ।


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