डेविड हाकनी, सबसे मंहगे जीवित कलाकार..!

जागरूक टाइम्स 140 Nov 22, 2018

पिछले दिनों क्रिस्टी की नीलामी ने 81 वर्षीय ब्रिटिश कलाकार डेविड हॉकनी की एक कृति को किसी जीवित कलाकार की अबतक की सबसे महंगी कलाकृति बना डाला। इस मशहूर पॉप कलाकार द्वारा 1972 में बनाई गई कृति र्पोट्रेट ऑफ एन आर्टिस्ट (पूल विथ टू फिगर) को इस नीलामी में 90.3 मिलियन डालर यानी लगभग 646 करोड़ रुपए की कीमत मिली। विदित हो कि इससे पहले डेविड हॉकनी को जो सर्वाधिक मूल्य मिला था वह था 28.4 मिलियन डॉलर। वहीं इससे पहले किसी जीवित कलाकार की किसी कृति को मिले सर्वाधिक मूल्य का रिकॉर्ड जैफ कून्स के नाम था, जिनका बैलून डॉग शीर्षक एक मूर्तिशिल्प 2013 में 58.4 मिलियन डॉलर में बिका था।

न्यूयॉर्क के क्रिसटाईंस ऑक्शन हाउस (क्रिस्टी) द्वारा इस पेंटिंग की यह नीलामी 15 नवंबर 2018 को आयोजित की गई थी। इस पेंटिंग को लेकर दो बोलीदाताओं के बीच चली तकरीबन 10 मिनट की प्रतिस्पर्धा के बाद अंतत: इनमें से एक को यह सफलता मिली। इन दोनों बोलीदाताओं के बीच यह होड़ 70 मिलियन डॉलर से शुरू हुई थी। हालांकि क्रिस्टी द्वारा इस खरीदार का नाम अभी तक उजागर नहीं किया गया है। अगर बात इस चित्र के निर्माण की करी जाए तो यह वस्तुत: दो अलग-अलग छायाचित्रों का संयोजन है। जिसकी शुरूआत होती है वर्ष 1971 से। जिनमें से एक है स्विमिंग पूल में तैरते एक व्यक्ति की तस्वीर और दूसरी है एक अन्य युवा की जमीन की तरफ तकती हुई तस्वीर।

दो अलग-अलग स्टाइल में दो अलग-अलग लोगों को चित्रित करने का यह विचार उन्हें इतना भाया कि उन्होंने इस चित्र को तुरंत बनाना शुरू भी कर दिया। किंतु उस चित्र पर कुछ महीनों तक काम करते रहने के बाद अचानक न केवल उन्होंने इसका विचार त्यागा बल्कि उस कृति को भी नष्ट कर दिया। यह बात आम आदमी को सुनकर कुछ अजीब सा तो लग सकता है। किन्तु रचनाकर्म से जुड़े लोग यह भलीभांति जानते हैं कि रचनाकर्म में किसी कलाकार या रचनाकार द्वारा अक्सर ऐसा होता ही रहता है। उधर 1972 के अप्रेल महीने में अचानक यह आइडिया एक बार फिर उन पर हावी हुआ, जब अगले कुछ सप्ताह बाद उनकी एक प्रदर्शनी न्यूयॉर्क के एक प्रतिष्ठित कला दीर्घा में आयोजित होने को थी। हॉकनी ने अपना कैमरा उठाया और अपने कुछ मातहतों के साथ चल पड़े इससे संबंधित तस्वीरों की तलाश में।

अपने मूल आइडिया को दिमाग में रखते हुए उन्होंने मॉडल के तौरपर अपने एक मातहत और एक दोस्त की सैकड़ों तस्वीरें उतार डालीं। फिर इसके बाद लंदन स्थित अपने स्टूडियो में आकर लगभग दो सप्ताह तक अठारह-अठारह घंटे लगातार इस चित्र के निर्माण में लगे रहे। यहां तक कि अंतत: प्रदर्शनी के लिए अपने चित्रों को न्यूयॉर्क की उस दीर्घा तक ले जाने के अंतिम घंटों तक। इतना ही नहीं इस कृति में जिस तरह के स्विंमिंग पूल का चित्रण उन्होंने किया है, उस तरह के स्विमिंग पूल उन्होंने अपने लॉस-एंजेल्स प्रवास में देखे थे। वस्तुत: इन स्विमिंग पूलों का खास नीला रंग उन्हें बेहद भा गया था। हालांकि यह प्रभाव उनके 60 और 70 के दशक के अन्य कृतियों में भी देखा जाता है।

नि:संदेह 81 वर्षीय डेविड हॉकनी आज न केवल ब्रिटेन के सर्वाधिक चर्चित कलाकार हैं, वरन पॉप कला के भी सबसे चर्चित कलाकारों में से एक हैं। विदित हो कि आज जिस पॉप कला को हम जानते हैं, उसका उदय इंग्लैंड में ही हुआ था। 1952 में लंदन की समकालीन कला संस्था में आर्किटेक्ट अॅलिसन व स्मिथसन, मूर्तिकार पाओलोत्सि, चित्रकार हेमिल्टन ने मिलकर अपने को स्वतंत्र मंडल घोषित किया। इनमें से हेमिल्टन मशहूर कलाकार मार्शल द्युशां के शिष्य थे। कतिपय इन्हीं कारणों से पॉप कलाकारों पर अगर किसी कलाकार के कला विचारों का सर्वाधिक प्रभाव था तो वह मार्शल द्युशां थे। इसके अतिरिक्त कुर्ट श्विटेर्श के विचारों का अनुसरण भी पॉप कलाकारों द्वारा किया गया।

वास्तव में इस कला विचार के मूल में जो बातें सबसे महत्वपूर्ण समझी जाती हैं, वह है आज का वर्तमान। मानव जीवन में बढ़ती यांत्रिकता ने आज के मनुष्य को जिस हाल में पहुंचा दिया है उसका प्रकटीकरण इस कला का उद्देश्य समझा जाता है। इस मायने में पॉप कला आज के समाज के लिए दर्पण की तरह समझी जा सकती है। ब्रिाटिश पॉप कलाकारों में पीटर ब्लेक, पीटर फिलिप्स, जो टिल्सन व अमरीकी कलाकार में आर.बी. किटाज जैसे महत्वपूर्ण नाम उभर कर सामने आए। समझा जाता है कि 1960 के बाद अमरीकी कलाकारों को इस कला शैली ने सर्वाधिक प्रभावित किया। इसके पीछे निरंतर फैलते उपभोक्तावादी समाज के तौर पर विश्व पटल पर अमरीका के उभार व उससे जुड़ी विसंगतियों के मानव पर पड़ते प्रभावों को समझा जाता है।

अन्य प्रसिद्ध अमरीकी कलाकारों में एण्डी वारहोल, रॉय लिश्टेनश्टाइन, यॉम वेसेलमान, जेम्स रोसेन्क्विस्ट, जास्पेर जॉन्स, राबर्ट इंडियाना व जिम डाइन जैसे नाम हैं। एण्डी वारहोल ने पैकेट फूड के डिब्बों व खाली बोतलों से जिन पॉप कृतियों की रचना की वह उस दौर में काफी चर्चित रहीं। देखा जाए तो पॉप कलाकारों ने सामाजिक विसंगतियों पर किसी निर्मम प्रहार या व्यंग्य करने के बजाय उसे दर्शकों के सामने ज्यों का त्यों रख देने का रहा है। अब यह दर्शक को तय करना रह जाता है कि वह इन विसंगतियों को किस रूप में लेता है। बात अब डेविड हॉक्नी की करते हैं, चित्रकार, ड्राफ्टसमैन, छापाचित्रकार, स्टेज डिजाइनर व फोटोग्राफर के रूप में चर्चित हॉकनी का जन्म 1937 में ब्रोडफोर्ड, इंग्लैंड में हुआ।

पॉप कला आंदोलन से 1960 में जुडऩे वाले हॉकनी आज ब्रिटेन के सबसे महत्वपूर्ण बीसवीं सदी के कलाकार के रूप में जाने जाते हैं। कला की अपनी प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने ब्रोडफोर्ड कला महविद्यालय व बाद में लंदन के प्रसिद्ध रॉयल कालेज ऑफ आर्ट से पाई। रॉयल कालेज ऑफ आर्ट में रहने के दौर में हॉकनी परंपरागत कला शिक्षा के विरुद्ध अपने विद्रोही तेवरों के कारण भी चर्चित रहे। यहां तक कि अपने फाइनल ईयर के एग्जाम में उन्होंने लेख लिखने तक से इंकार कर दिया। किंतु एक उभरते हुए कलाकार के रूप में हॉकनी की बढ़ती लोकप्रियता व उनकी प्रतिभा का सम्मान करते हुए अंतत: रॉयल कालेज ऑफ आर्ट को अपने नियमों में संशोधन करते हुए उन्हें हॉकनी को डिप्लोमा से नवाजना ही पड़ा। इसके बाद कुछ थोड़े दिनों के लिए उन्होंने मेडस्टोन कला महाविद्यालय में अध्यापन भी किया।

1964 में लॉस एंजिल्स आ गए जहां के स्विमिंग पूलों ने उन्हें इतना प्रभावित किया। कि लगातार अपने चित्रों में किसी ना किसी रूप में उसे चित्रित करते रहे । इस क्रम में चटख एक्रिलिक रंगों का प्रयोग उनकी कृतियों में होता रहा जो बाद में एक तरह से उनके चित्रों की विशेष पहचान बन गई। हॉकनी ने न केवल अपने समलैंगिक होने को खुलेआम स्वीकारा, इस विषय पर अपनी कई प्रसिद्ध चित्रकृतियों की रचना भी की । वर्ष 1963 में 26 वर्ष की अवस्था में अपनी पहली एकल प्रदर्शनी आयोजित करने वाले हॉकनी ने अब तक लगभग 400 एकल प्रदर्शनियों में अपनी कृतियां दर्शकों के सम्मुख रखी हैं ।

वहीं दुनिया भर में आयोजित हुई 500 से ज्यादा समूह प्रदर्शनियों में उनकी कृतियां शामिल की गई हैं । अपने रचनाक्रम में हॉकनी जहां परंपरागत कला की विभिन्न विधाओं यथा पेंटिंग, ड्राईंग, प्रिंटमेकिंग, वाटर कलर और फोटोग्राफी से जुड़े रहे । वहीं फैक्स मशीन, पेपर पल्प, कंप्यूटर ग्राफिक व आई पैड जैसे नए माध्यमों की मदद से भी चित्र रचनाएं कीं । डेविड हॉकनी आज के दौर के उन कलाकारों में से हैं जिन्होंने समकालीन कला जगत को बेहद प्रभावित किया है । उन्हें इसके बदले में दुनिया भर के पुरस्कारों व सम्मानों से भी नवाजा गया । वर्ष 2008 में उन्होंने कला के संवर्धन व संरक्षण के लिए करोड़ों की लागत से डेविड हॉकनी फाउंडेशन की स्थापना भी की है ।


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