भूलने की बीमारी ( डॉक्टर अरविन्द जैन )

जागरूक टाइम्स 190 Aug 6, 2018

भूलने की समस्या वैसे तो हर उम्र में होती हैं. अधिकतर यह समस्या वृद्धावस्था में अधिक सुनने और देखने मिलती हैं .स्का मुख्य कारण हमारा मन का अस्थिर रहना या अधिक चिंताके कारण विचलित होने से या एकाग्रता का अभाव या अव्यवस्थित जीवन /दिन चर्या का होना मुख्य कारण हैं और यह व्यक्तिगत जिसमे अभिरुचि का न होना .

इसके कारण हमको कई बार बहुत नुक्सान उठाना पड़ता हैं .कभी कभी सामान्य दस्तावेज़ /सामान /सामग्री यथोचित स्थान पर न रखने से या लापरवाही के कारण भी हम उस कृत्य को भूल जाते हैं .इसके लिए सबसे उत्तम इलाज़ जिस वस्तु/सामान को जिस जगह भी रखें हो उसका स्थान सुनिश्चित हो .और जब भी घर से बाहर जाना हो तो भागम भाग की स्थिति न होकर समय से पूर्व सामग्री सुनिश्चित कर रखे .हम देखते हैं की किसी यात्रा का समय निश्चित होने के बाद भी उस समय ही अपनी तैयारी करते हैं और जल्दी जल्दी में महत्वपूर्ण सामग्री भूल जाते हैं .

समय की बचत करने और तनाव रहित रहने के लिए हमें अपनी चेक लिस्ट बनाकर रखनी चाहिए और सबसे अच्छा अपने मस्तिष्क पर अधिक दबाव न देने के लिए अपनी पास एक डेरी या एक नोटबुक रखना उचित होता हैं जिसमे अपनी आवश्यकता को नोट करना चाहिए .इससे उस लिस्ट के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर अपना काम निपटाना चाहिए .

भूलने की बीमारी से लगभग हर कोई ग्रसित होता है। इस समस्या से आम नहीं बल्कि बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी ग्रसित हैं। मोबाइल, पर्स और चाभी भूलना तो लोगों के लिए बहुत ही आम बात है। हमारी लाइफ में बहुत सारी परेशानियां इस वजह से भी होती है, क्योंकि हमारे पास काम करने के लिए कोई रुटीन नहीं होता है। बिना रुटीन ऐसा लगता है जैसे हमारी लाइफ का कोई मकसद नहीं है और इससे काम भी खराब होता चला जाता है। अगर आप चाहते हैं कि भूलने की बीमारी से आपको निजात मिलें तो अपनी लाइफ में रुटीन को स्थापित करें और कौन सा काम कब करना है इस बात की भी जानकारी आपको होनी चाहिए।

आप नियमित रूप से व्यायाम करके कई तरह के रोगों पर काबू पा सकते हैं। उसी तरह यदि आप भूलने की बीमारी को दूर करना चाहते हैं, तो अपनी लाइफस्टाल में व्यायाम को जरूर शामिल कीजिए। एक स्वस्थ शरीर एक स्वस्थ मन प्रदान करता है। व्यायाम करने से न केवल मस्तिष्क बेहतर काम करता है बल्कि शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी सही से होता है। इसके अलावा आप कुछ समय योग और मेडिटेशन के लिए भी निकालें। इससे मन बहुत ही शांत रहता है।

बुरी आदत से हर कोई परेशान रहता है। ये ऐसी आदत होती है जिसके होने से हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। यदि आप चाहते हैं कि भूलने की बीमारी दूर हो तो आपको बुरी आदतों के खिलाफ काम करना होगा। आप बुरी आदतों के खिलाफ जाकर आप खुद को अच्छा महसूस करवा सकते हैं।

आहार का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। हम जिस तरह का आहार लेते हैं हमारा शरीर उसी तरह से प्रतिकिया करता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग तेज हो तो आप जंक फूड खाने की बजाय ब्रेन फूड खाना शुरू करें। आप अपने आहार में ग्रीन टी, ब्लूबेरी,, ब्रोकोली, फूलगोभी, डार्क चॉकलेट और हल्दी आदि को अपनी डाइट में शामिल करें।

भूलने की बीमारी को दूर करने के लिए आपको कुछ ऐसे काम करने होंगे जो पूरी तरह से रचनात्मक हो और उसमें आपका पूरा मन लगता हो। इसमें आप कोई कविता लिख सकते है या फिर गाने लिख सकते हैं। आपको बता दें कि रचनात्मक काम करने से दिमाग खुलता है। हमारे मानसिक स्वास्थ्य का सीधा असर हमारे नींद से है। कम नींद लेना न केवल कई रोगों को निमंत्रण देता है बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी खराब कर सकता है और आपको तनाव में भी डाल सकता है। इसलिए कोशिश कीजिए कि आप 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें। यह आपके भूलने की बीमारी को भी दूर करेगा।

आप दो से तीन मिनट किसी चीज पर ध्यान लगाइए। यह भूलने की बीमारी में आपकी सहायता कर सकता है। ध्यान लगाने से आप किसी चीज पर पूरी तरह से फोकस हो पाते हैं। सबसे उत्तम मनोयोग से कोई भी काम करे .निश्चित स्थान पर जो सामान रखना हैं वहां ही रखे .नोट बुक पर लिखने की आदत रखे, ताल मटोल करने की आदत को त्यागे .क्रम से काम निपटाए .प्राथमकिता तय हो और जरुरी कागजातों के लिए अलग लग फाइल बनाकर रखे जैसे बिजली, पानी, टेलीफोन, मोबाइल, पेपर, टी वी केबल, दूध, खरीदी सामग्री के बिल, प्रापर्टी टेक्स, जरुरी कागजात जैसे मकान सम्बन्धी, टेक्स संबधी, स्कूल कॉलेज की पढाई की मार्क्स शीट, मूल और उनकी फोटोस्टेट कॉपी, इन्स्योरन्स फाइल, ड्राइविंग, व्हीकल फाइल इत्यादि को आप समुचित ढंग से रखेंगे तो आपको कोई तनाव नहीं होगा .एक बात महत्वपूर्ण हैं दस्तावेजों को रुपये से अधिक सम्हाल कर रखे, शासकीय दस्तावेज़ का गुमना बहुत कष्टकारी होता हैं .ऐसे ही हमें अपने घर की व्यवस्था भी रखना चाहिए .शुरुआत में थोड़ी परेशानी पर बाद में आराम . इसके अलावा स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए मंडूकपर्णी,शंखपुष्पी, ज्योतिष्मती, कूष्माण्ड के अलावा पेठा, ज्योतिष्मती तेल, शंखपुष्पी सिरप, अमृतादि रसायन ब्राह्मीपाक, सारस्वतारिष्ट, आदि भी लाभकारी होती हैं।

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