पंडित और मौलवी खत्म नहीं होने देंगे नफरत का धंधा : ऋषि कपूर

जागरूक टाइम्स 96 Jul 30, 2018

- भारत-पाक के बीच जैसा माहौल आज है, वैसा ही पहले भी था

मुंबई । जानेमाने अभिनेता ऋषि कपूर ने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर कहा कि जैसा माहौल आज है, वैसा ही पहले भी था, कहीं कोई बदलाव नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच की यह नफरत बहुत बड़ा बिजनेस है, जिसे पंडित और मौलवी खत्म नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि लगता है दोनों देशों के बीच की यह नफरत कभी खत्म नहीं होगी। हिन्दू-मुसलमान और भारत-पाकिस्तान के बीच नफरत को उजागर करती फिल्म 'मुल्क' में ऋषि कपूर बेहद अहम किरदार निभा रहे हैं।

ऋषि कहते हैं, 'मुझे अपने देश पर बेहद गर्व है। मुझे सभी तरह के अधिकार प्राप्त हैं। मैं किसी भी तरह की फिल्म बना सकता हूं, हां कोई कहानी कहते समय अपने देश के डेकोरम का ध्यान रखना होगा, एक सीमा-रेखा है, जिसे क्रॉस नहीं करना है।' भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर बात करते हुए ऋषि कपूर ने कहा, 'मैंने अब तक कई देशों का आपसी युद्ध और उनका मिलाप देख लिया है, लेकिन पाकिस्तान के साथ आज भी हमारे संबध सुधर नहीं रहे हैं।

कश्मीर की वजह से आज भी हमारा झगड़ा चल रहा है। दोनों सरकारों को आपसी बातचीत द्वारा इस मामले को खत्म करना चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है यह कभी खत्म नहीं होगा।' पाकिस्तान के साथ अपना पारिवारिक और इमोशनल रिश्ता बताते हुए ऋषि कपूर ने कहा, 'मेरे लिए भारत-पाकिस्तान का यह रिश्ता बेहद इमोशनल है। मेरा परिवार पेशावर से आया था, तब पाकिस्तान नहीं बना था। मेरे दादाजी 1926 में मुंबई आए थे और बाद में कोलकाता गए। आज हालत ऐसी है कि मैं उस जगह नहीं जा सकता जहां मेरे दादाजी ने जन्म लिया।' ऋषि आगे कहते हैं, 'न जाने कितने नेता और पार्टियां बदल गई हैं, लेकिन वह मसला नहीं बदला। आज भी स्थति बिल्कुल पहले जैसी है। पाकिस्तान के साथ हमारा कल्चर बहुत कॉमन है। जैसे हम पाकिस्तानियों को मोहब्बत करते हैं, ठीक वैसे ही वे लोग भी हमें चाहते हैं। हमें एक कदम आगे बढ़कर इस मामले को खत्म करना चाहिए।

'अपनी फिल्म के बारे में ऋषि ने कहा, 'मुझे गर्व है कि मैं मुल्क जैसी फिल्म का हिस्सा हूं क्योंकि यह फिल्म इन्हीं समस्यायों पर बात करती है। फिल्म में कुछ अच्छे हिन्दू परिवार हैं जो पीड़ित मुस्लिम परिवार की मदद करते हैं।' ऋषि बताते हैं, 'मैं अंतिम बार पाकिस्तान 1990 में गया था, अपनी फिल्म हिना की शूटिंग के लिए। उस समय मैं करीब 5 दिनों तक वहां रहा था। मुझे वहां इतना प्यार और सम्मान मिला, मुझे पाकिस्तान ने ऐसा फील कराया जैसे मैं भारत का राजा हूं।

मैंने पेशावर जाकर वह घर और जगह देखी है जहां मेरे परिवार वालों का जन्म हुआ था।'ऋषि आगे बताते हैं, 'जब मैं पाकिस्तान में था तो एक व्यक्ति ने मुझे कहा था कि भारत-पाकिस्तान की यह समस्या और नफरत कभी भी नहीं सुलझाई जाएगी क्योंकि आपके पंडित और हमारे मौलवी इसे सुलझाना ही नहीं चाहते हैं। धर्म सबसे अहम चीज है, यह बड़ा बिजनस है। एक-दूसरे से नफरत करना बहुत बड़ा बिजनस है, यह चलता रहेगा।'

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