लड़के को भी रो देने का उतना ही हक है जितना किसी लड़की को है ‎: आयुष्मान

जागरूक टाइम्स 133 Nov 14, 2019

मुंबई(ईएमएस)। बॉलीवुड स्टार आयुष्‍मान खुराना अपनी फिल्म 'बाला' को लेकर सुर्खियों में छाये हुए हैं। दरअसल, आयुष्मान हर बार अपनी फिल्मों से समाज की किसी बुरी व्यवस्था पर प्रहार करते हैं। इसके चलते उन्होंने एक कविता के जरिए बताया ‎कि "जेंटलमेन किसे कहते हैं"। इसका ‎वि‎डियो यूट्यूब पर सामने आने के लोगों को काफी पसंद आ रहा है और एक बार फिर से आयुष्‍मान खुराना लोगों की तारीफ बटोर रहे हैं। बता दें ‎कि वीडियो में आयुष्‍मान खुराना जिस लंबी कविता को पढ़ रहे हैं ‎जोकि गौरव सोलंकी ने लिखी है। जो पुरुषों के जज्बातों को शब्दों में पिरोती है। यहां पुरुषों पर लादी गईं कई जिम्मेदारियों और न रोने और न दर्द महसूस करने वाली यातना को भी काफी संवेदनात्मक तरीके से जाहिर किया गया है। इस वीडियो में हम देख सकते हैं कि कितने भावपूर्ण तरीके से आयुष्मान ने इस कविता के शब्दों को कहा है। जिसमें एक छोटे लड़के के मनो भाव से लेकर लड़कों पर बाजारवाद के असर तक हर बात को कोड किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बता दिया है कि "मर्द को दर्द" न होना ठीक नहीं। ब‎ल्कि उसे भी रो देने का उतना ही हक है जितना किसी लड़की को ‎है, क्योंकि वह भी इंसान ही है। बता दें कि इन दिनों आयुष्मान खुराना अपनी फिल्म "बाला'' को लेकर बॉक्स ऑफिस पर जोरो से कमाई कर रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी है जिसके जवानी में ही बाल झड़ चुके हैं। बता दें ‎कि पिछले तीन दिनों में यह फिल्‍म 43 करोड़ की कमाई कर चुकी है। हालां‎कि इस फिल्‍म में आयुष्‍मान के साथ भूमि पेडणेकर और यामी गौतम नजर भी आयी हैं।

Leave a comment