लड़कों की पिटाई और बॉलीबॉल खूब खेलती थी ईशा गुप्ता

जागरूक टाइम्स 235 Jul 11, 2019

-'वन डे जस्टिस डिलीवर्ड' के प्रमोशन में किया खुलासा

मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता ने बताया कि स्कूल-कॉलेज के दिनों पढ़ाई करने के साथ-साथ वह लड़कों की पिटाई और बॉलीबॉल खेलने का काम भी खूब करती थीं। ईशा बताती हैं कि वह पीटती भी थीं और उनसे पिटकर भी आती थीं, जब पिटकर आतीं तो कोई बात नहीं होती, लेकिन किसी को पीटकर आतीं तो स्कूल में उनके पिता को बुलाया जाता था। इशा इन दिनों अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म 'वन डे जस्टिस डिलीवर्ड' के प्रमोशन में जुटी हैं। ईशा बताती हैं, 'मेरी पर्सनैलिती स्कूल के समय से ही बड़ी मजबूत है। अपनी इस हष्ट-पुष्ट पर्सनैलिती की वजह से मैं स्कूल में कई बार सस्पेंड होते-होते बची हूं। मेरे पिता मुझे बचा लिया करते थे। लोग बॉलिवुड में नेपोटिजम की बात करते हैं और मेरी नेपोटिजम वहां काम आती थी, जब मेरे पिता मुझे स्कूल की शिकायतों से बचाने आते थे। मेरे पिता बेहद सीधे-साढ़े, पढ़े-लिखे, समझदार एयरफोर्स के अफसर और मैं उनकी शैतान बेटी।'

ईशा अपनी शैतानियों के बारे में मजे लेकर आगे बताती हैं, 'जब भी स्कूल में पंगा होता, पापा टीचर से बात करने आ जाते, तब टीचर खुद पापा से कहते कि गुप्ताजी विश्वास नहीं होता यह आपकी बेटी है। पिता अफसोस जताते और मुझे लेकर बाहर आते फिर कहते कि बेटा मैंने आपको लड़कों की तरह पाला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप स्कूल में मार-धाड़ करो।' शैतान बेटी के नाम से मशहूर ईशा आगे कहती हैं, 'क्योंकि मैं स्पोर्ट्स में थी, बॉलीबॉल खेलती थी, इस खेल के कारण बहुत लड़कों से मेरा झगड़ा हुआ है।

प्रॉपर 2 बार की पिटाई की थी, लेकिन बात अस्पताल तक नहीं पहुंची थी। एक बार खेल के दौरान लड़के मस्ती की वजह से मेरा बॉल नहीं दे रहे थे, तब मैंने एक लड़के की नाक तोड़ दिया। इस झगड़े में उसने भी मेरी पिटाई की और मैंने भी उसकी धुलाई की थी, बाद में स्कूल के टीचर्स आ गए और उन्होंने बीच-बचाव किया था, यह बात दिल्ली की है।' ईशा बताती हैं, 'लगता है मेरी इन्हीं मार-पीट और झगड़े करने की हरकतों की वजह से मुझे बहुत देर बाद, यह एहसास हुआ कि लड़के मुझे नोटिस भी करते हैं। मुझे समझ में आया कि मैं लड़कों को अच्छी भी लगती हूं। उस दौरान मुझे लड़कों से दोस्ती और प्यार-मोहब्बत में कोई इंटरेस्ट भी नहीं था। उन दिनों पढ़ाई, खेल, दोस्त और खाना ही दिमाग में रहता था। मुझे लगता है असली चाइल्डहुड तो हमारी पीढ़ी ने देखा है। आजकल के बच्चे ने तो कुछ देखा ही नहीं है।' प्यार-मोहब्बत के मामलों से दूर शैतानी और लड़ाई-झगड़े की दुनियां में व्यस्त और मस्त रहीं ईशा को पता नहीं चला कि लड़के उन्हें पसंद भी करते हैं।



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