कड़वी यादों को भुलाना चाहेगी स्पेन की टीम

जागरूक टाइम्स 108 Jun 6, 2018

आंद्रे इनेस्ता और सर्जियो रामोस जैसे अनुभवी खिलाडिय़ों की मौजूदगी में स्पेन की टीम 2014 फीफा विश्व कप की कड़वी यादों को भुलाना चाहेगी। उसका इरादा रूस में होने वाले विश्व कप में अपना दूसरा खिताब जीतने का होगा। स्पेन ने पहली बार 1934 फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया था और विश्व विजेता बनने के लिए उसे 76 वषरें का लंबा इंतजार करना पड़ा।

2010 में दक्षिण अफ्रीका में चैंपियन बनने वाली स्पेन की टीम 2014 में ब्राजील में ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी। आठ साल पहले नीदरलैंड्स के खिलाफ फाइनल मुकाबले के अतिरिक्त समय में इनेस्ता ने ऐतिहासिक गोल दागकर पहली बार स्पेन को खिताब दिलाया था। इनेस्ता इस बार भी टीम के अहम खिलाड़ी होंगे। उनके अलावा सर्जियो रामोस, जेरार्ड पिक एवं सर्जियो बास्किट्स का यह आखिरी विश्व कप भी हो सकता है। ऐसे में वे अपने अनुभव का इस्तेमाल करके स्पेन को खिताब तक पहुंचाना चाहेंगे।  

कांबिनेशन : इस विश्व कप में स्पेन की सबसे बड़ी ताकत युवा और अनुभवी खिलाडिय़ों का मिश्रण है। उसके पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके पास 100 से ज्यादा मैच खेलने का अनुभव है। स्पेन की टीम आमतौर पर 3-4-2-1 के फॉर्मेट में खेलती है, लेकिन कभी-कभी यह 4-2-3-1 के फॉर्मेट में भी खेलती है। स्विच : स्पेन की टीम फील्ड पर काफी तेजी से गेंद को स्विच करती है। उसके खिलाड़ी टिकी-टाका स्टाइल में खेलते हैं, यानी बहुत तेजी से छोटे-छोटे पास के जरिये खेलते हैं।


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