मीराबाई चानू की प्रेरणादायक कहानी, बताया-कैसे जीता गोल्ड

जागरूक टाइम्स 63 May 24, 2018
जालंधर। कॉमनवैल्थ गेम्स की वेटलिफ्ंिटग (48 किग्रा वर्ग) में भारत की ओर से मीराबाई चानू ने पहला गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। इंफाल की रहने वाली चानू से हालांकि कॉमनवैल्थ गेम्स शुरू होने से पहले ही उम्मीद की जा रही थी कि वह भारत की झोली में पक्का पदक डालेंगी। चानू ने ऐसा किया भी। चानू ने कुल 194 किग्रा वजन उठाया-स्नैच में 85 किग्रा तो क्लीन एंड जर्क में 109 किग्रा। गोल्ड जीतने के बाद चानू ने अपनी जीत का सीक्रट भी शेयर किया। यकीनन इस सीक्रट को जानकर बच्चों को प्रेरित किया जा सकता है। >> डेढ़ साल स्मार्ट फोन से बनाई रखी दूरी 23 साल की चानू ने इंफाल के जिस अकादमी में प्रैक्टिस शुरू की थी, वहां खिलाडिय़ों के स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने पर रोक है। चानू जब नैशनल कैंप पहुंची तो वहां भी इसे सख्ती से लागू किया। देखते ही देखते कई और उभरते वेटलिफ्टर्स ने भी चानू का अनुसरण करना शुरू कर दिया। चानू बताती हैं-ऐसा नहीं है कि हमने मोबाइल से दूरी बना ली। दरअसल हम स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे। हमारे पास अभी भी सिंपल फोन हैं जो सिर्फ कॉल सुनने या करने में काम आ सकते हैं। हमारे शैड्यूल में प्रैक्टिस के वक्त मोबाइल देखने की इजाजत नहीं होती। ऐसे में हम फोन स्विच ऑफ कर दिया करते थे। शुरुआत में फैमिली के कारण हमें थोड़ी दिक्कत जरूर हुई लेकिन जब हमारे सामने कॉमनवैल्थ और ओलंपिक में मेडल लाने का लक्ष्य था तो यह दिक्कत भी दूर हो गई। करीब डेढ़ साल वह स्मार्ट फोन से दूर हैं।

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