बीसीसीआई को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

जागरूक टाइम्स 251 Aug 9, 2018

सुप्रीम कोर्ट से गुरुवार को बीसीसीआई के संविधान पर फैसला सुनाया है। इसमें शीर्ष अदालत ने एक राज्य एक वोट में बदलाव किया है। इससे बोर्ड को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने बडौदा, सौराष्ट्र, सर्विसेज, रेलवे को सदस्य बनाया है इसके अलावा मुंबई, विदर्भ व महाराष्ट्र भी सदस्य रहेंगे। वहीं कूलिंग पीरियड अब तीन साल से बढ़ाकर दो टर्म यानी 6 साल का कर दिया है। इसके अलावा 70 साल की उम्र का कैप और सरकारी अफसर व मंत्री वाली अयोग्यता बनी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से चार सप्ताह में संविधान में बदलाव को अमल में लाने को कहा है।
वहीं पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि कोई कूलिंग ऑफ पीरियड नहीं होगा। इसके साथ ही बीसीसीआई के मसौदा संविधान को अंतिम रूप देने तक सभी राज्य क्रिकेट संघों के चुनाव कराने पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने साथ ही इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने हाईकोर्ट से कहा कि राज्य क्रिकेट संघों के लिये प्रशासकों की नियुक्ति से जुड़ी किसी भी याचिका को विचारार्थ स्वीकार नहीं किया जाए। अदालत ने कहा कि वह ‘एक राज्य, एक मत’ और बीसीसीआई पदाधिकारियों के लिये ब्रेक से संबंधित पूर्व फैसले में संशोधन पर विचार करेगी।

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