उत्कष्ट सांसदों का अनुकरण करें नए सदस्य: सभापति वैंकेया नायडू

जागरूक टाइम्स 219 Aug 2, 2018

नई दिल्ली : राज्यसभा के सभापति एम.वैंकेया नायडू ने संसद के वर्तमान मानसून सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने पर खुशी जाहिर की है। उत्कृष्ट सांसद सम्मान से नवाजे गये नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद तथा नेता सदन अरुण जेटली के सकारात्मक योगदान की सराहना की है। नायडू ने सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर उत्कृष्ट सांसद सम्मान प्राप्त आजाद, पूर्व उपसभापति नजमा हेपतुल्ला, लोकसभा सदस्य हुकुमदेव नारायण यादव, दिनेश त्रिवेदी और भर्तहरि महताब की कार्यशैली और आचरण का हवाला देते हुये सभी सदस्यों से इनका अनुसरण करने की अपील की।

उन्होंने पिछले दो सत्र में सदन की कार्यवाही के हंगामे की भेंट चढ़ने का जिक्र करते हुये मानसून सत्र के सुचारु संचालन को शुभ संकेत बताया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कल ही एक समारोह में गुलाम नबी आजाद, नजमा हेपतुल्ला, हुकुमदेव नारायण यादव, दिनेश त्रिवेदी और भर्तृहरि महताब को उत्कृष्ट सांसद सम्मान से सम्मानित किया था। नायडू ने कहा कि उच्च सदन के एक मौजूदा सदस्य और एक पूर्व सदस्य को यह सम्मान मिलना समूचे सदन के लिये गर्व का विषय है। उन्होंने सभी सदस्यों खासकर नये सदस्यों से आजाद सहित अन्य सम्मानित सांसदों के आचरण को अनुकरणीय मानकर संसदीय मर्यादाओं और सामान्य शिष्टाचार का पालन करने का आह्वान किया।

सभापति ने कहा कि सदन संचालन में जब कभी वह कठिनाई महसूस करते हैं, हर बार नेता प्रतिपक्ष और नेता सदन उनके लिये मददगार साबित होते हैं। मानसून सत्र के शुरू होने से पहले १७ जुलाई को एक बैठक में आजाद ने सदन में बढ़ते हंगामे के कारण विधायिका के सदस्यों की प्रतिष्ठा जनता की नजर में कम होने पर चिंता जतायी थी। नायडू ने कहा कि मुझे खुशी है कि इस सत्र की बेहतर शुरूआत हुयी और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल रही है। 

संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने आजाद की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुये उन्हें आदर्श सांसद बताया। गोयल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आजाद अपनी बात को हमेशा प्रभावी रूप से कम शब्दों में रखते हैं। जनहित से जुड़े गंभीर मामलों से लेकर लगभग सभी प्रकार के विषयों पर बेहद शालीन तरीके से कम समय में सारगर्भित बात रखने की उनकी शैली हम सब के लिये प्रेरणादायी है। गोयल ने चुटकी ली है कि जब कभी कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा सत्तापक्ष को परेशानी में डालते हैं तब आजाद परेशानी से उबारने में मददगार साबित होते हैं। गोयल के इस बयान पर सभी सदस्यों के चेहरों पर मुस्कुराहट दौड़ गयी है।

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