तीन तलाक रोधी विधेयक की समीक्षा चाहते है मुस्लिम महिला संगठन

जागरूक टाइम्स 258 Jul 17, 2018

लखनऊ । तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले प्रमुख संगठन ऑल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमडब्‍ल्‍यूपीएलबी) तथा अन्‍य तनजीमों ने संसद के आगामी सत्र के मद्देनजर तलाक-ए-बिद्दत रोधी विधेयक की समीक्षा की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि पिछले साल दिसम्‍बर में लोकसभा में पारित मुस्लिम महिला (विवाह में अधिकार संरक्षण) विधेयक २०१७ में अनेक खामियां हैं और सरकार को एक बार सभी पक्षों को बैठाकर चर्चा करके उन कमियों को दूर करना चाहिये।

एआईएमडब्‍ल्‍यूपीएलबी की अध्‍यक्ष शाइस्‍ता अम्‍बर का कहना है कि उन्‍होंने करीब १० दिन पहले विधि आयोग और कानून मंत्रालय को पत्र भेजकर गुजारिश की थी कि वह ३ तलाक रोधी वि̛धेयक पर चर्चा के लिये ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, एआईएमडब्‍ल्‍यूपीएलबी, अहले हदीस, मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को लेकर संघर्ष कर रहे संगठनों, वकीलों और समाजसेवियों को बुलाकर बातचीत करें और फिर से नया मसविदा तैयार करें। उन्‍होंने कहा कि इससे ३ तलाक रोधी विधेयक की खामियां दूर होंगी।

वह लोकप्रिय होगा, उसका शरीयत से टकराव नहीं होगा और ३ तलाक की बुराई भी खत्‍म हो सकेगी। हम चाहते हैं कि राज्‍यसभा में जब विधेयक पर चर्चा हो तो विधि आयोग और कानून मंत्रालय संशोधित मसविदा तैयार करके सभी सांसदों को दें, ताकि हम लोगों के सुझावों पर भी चर्चा हो सके।

शाइस्‍ता ने कहा कि तीन तलाक एक बहुत बड़े समुदाय का मसला है मगर इसके खिलाफ विधेयक का मसविदा तैयार करने से पहले इसी समुदाय के रहनुमाओं से कोई बातचीत नहीं की गयी। सिर्फ विपक्ष ने ही नहीं बल्कि हमने भी बिल पर आपत्तियां उठायी थीं।

Leave a comment