स्कूटी टकराने पर 15 लड़कों ने मिलकर 2 युवकों को जान से मार डाला

जागरूक टाइम्स 99 Nov 29, 2018

नई दिल्ली । शालीमार बाग इलाके में स्कूटी टच होने के विवाद में बदमाशों ने मंगलवार शाम को दो युवकों की हत्या कर दी। मृतकों की पहचान तनिष्क क्वात्रा और पवन के रूप में हुई है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। २१ वर्षीय तनिष्क क्वात्रा परिवार सहित बीएच ब्लॉक में रहता था। वह सोमवार रात करीब १० बजे डेसू कॉलोनी के गेट से अपनी स्कूटी निकाल रहा था। इस दौरान निखिल भी अपनी स्कूटी से वहां से गुजर रहा था। दोनों की स्कूटी आपस में छू गई। इस बात पर निखिल ने तनिष्क की स्कूटी पर लात मार दी, तो तनिष्क ने उसे भला बुरा कहते हुए पीट दिया। हालांकि, वहां मौजूद लोगों के बीच बचाव कराने पर दोनों चले गए।

तनिष्क मंगलवार रात करीब ८ बजे अपने दोस्त अक्षय खन्ना के घर पर गया था। इसी दौरान निखिल अपने १५ दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। वह तनिष्क को कुछ बात करने के लिए पास की डेयरी की तरफ ले गया। वहां वह दोस्तों के साथ तनिष्क को पीटने लगा। तनिष्क ने मौके से भागने की कोशिश की तो आरोपी युवकों ने पीछा करके उसके पेट में कई बार चाकू घोंप दिया। भागते समय बदमाशों ने बीच-बचाव कर रहे पवन नामक युवक के भी पीठ में चाकू घोंप दिया। इस बीच कुछ लोगों ने घायल तनिष्क और पवन को अस्पता में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान तनिष्क की मौत हो गई। वहीं, पवन ने भी बुधवार सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने निखिल सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

- क्या है मामला
शालीमार बाग में नशे में धुत बदमाश करीब २० मिनट तक तांडव मचाते रहे। हमलावर खुलेआम चाकू और लाठी-डंडे लहराते हुए चले गए। पुलिस को दी शिकायत में तनिष्क के दोस्त अक्षय खन्ना ने बताया कि निखिल अपने दोस्तों जमाल, मुश्ताक, अभिषेक, गोमसी, आकाश, रोहित, सचिन, गुड्डू, जीशान, हिमांशु, संजू, आफाक, मुब्बशीर, दीपक, सागर एवं सुमित सहित १५-१६ लोगों के साथ आया। वे पहले तनिष्क को हरियाणा डेयरी के पास ले गए। इसके बाद सभी तनिष्क को पीटने लगे।

तनिष्क जान बचाने के लिए भागा, लेकिन किसी ने उसे अपने घर या दुकान में घुसने नहीं दिया। इस पर वह टूर एंड ट्रवेल्स के दफ्तर में घुस गया और सोचा कि यहां पर जान बच जाएगी, लेकिन बदमाशों ने दफ्तर पर भी हमला कर दिया। उन्होंने पूरे दफ्तर को तोड़फोड़ दिया और फिर जान बचाने के लिए तनिष्क निकलने की कोशिश करने लगा। मगर, बदमाशों ने उसे घेर कर चाकुओं से गोद दिया।

विवाद के बारे में जानकारी मिलने पर तनिष्क की मां सुनीता देवी ने मंगलवार सुबह ही निखिल और अपने बेटे तनिष्क में समझौता कराया था। मगर, रात को ही बदमाशों ने उनके इकलौते बेटे की निर्मम हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, सुनीता देवी के पति की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से तनिष्क ही उनके जीने का सहारा था। सुनीता देवी को जब निखिल से अपने बेटे के विवाद के बारे में जानकारी मिली तो वह घबरा गई थीं। इसके बाद वह मंगलवार सुबह अपने बेटे तनिष्क को लेकर निखिल के घर पर गईं। उन्होंने दोनों का हाथ मिलवाया और झगड़ा खत्म करने की नसीहत दी।

हालांकि, निखिल इस दौरान भी यह कहता रहा कि आज तक उसपर किसी ने हाथ नहीं छोड़ा था। मगर, तनिष्क ने उसे पीटा है और वह बदला लेगा। हालांकि, समझौता होने के बाद सुनीता देवी और उनके बेटे को लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। इसलिए जब निखिल ने तनिष्क को मंगलवार रात बुलाया तब वह बिना किसी डर के चला गया।

निखिल और तनिष्क के विवाद से २२ वर्षीय पवन का कोई मतलब ही नहीं था। वह बेचारा तो बीच-बचाव कराने के दौरान आरोपी हमलावरों का शिकार बन गया। पवन का परिवार मूलरूप से इलाहाबाद का रहने वाला है। बीते २७ सालों से परिवार शालीमार बाग इलाके में रह रहा हैं। पवन की मां का बहुत पहले ही निधन हो गया था।

घर में पिता लालजी गुप्ता, बड़ा भाई शिवम और पांच बहने हैं। पवन एयरपोर्ट स्थित दुकान में नौकरी करने के साथ ही ओपन से बीए की पढ़ाई कर रहा था। पवन की छोटी बहन नासिक में पढ़ती है। वह मंगलवार शाम बहन के लिए नासिक की ट्रेन का टिकट लाने के लिए टूर एंड ट्रवेल्स के दफ्तर गया था। इस दौरान उसने हमलावरों को तनिष्क पर हमला करते हुए देखा। इस पर पवन ने हमलावरों का विरोध किया। शुरू में तो अरोपी हमलावरों ने उसे कुछ नहीं बोला, लेकिन भागते समय एक बदमाश ने पवन की पीठ में चाकू घोंप दिया।

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