जम्मू के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से आतंकी पकड़ा, अब तक 2 गिरफ्तार

जागरूक टाइम्स 400 Aug 6, 2018

- एनआइए ने की आतंकी के गिरफ्तारी की पुष्टि

नई दिल्ली । दिल्ली को स्तवतंत्रता दिवस पर दहलाने की आतंकी साजिश का खुफिया एजेंसियों का इनपुट सही साबित हो रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू कश्मीर के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से १ आतंकी को गिरफ्तार किया है। दोनों पाकिस्तान से संचालित हो रहे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं। दोनों आतंकी दिल्ली में फिदायीन हमलों की साजिश को अंजाम देने के लिए आ रहे थे। इससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार को फिदायीन हमले की साजिश को अंजाम देने के मकसद से भारत पहुंचे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी को जम्मू के गांधी नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार व गोला बारूद बरामद किया है।

- जम्मू में गिरफ्तार आतंकी की पहचान अरफान हुसैन वानी पुत्र गुलाम हुसैन वानी निवासी डंगर अवंतीपोरा के रूप में हुई है। गांधी नगर पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के अधिकारी आतंकी से पूछताछ कर रहे हैं। एनआइए ने भी रविवार को ही दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक और लश्कर आतंकी हबीरउर रहमान उर्फ हबीब को गिरफ्तार किया है। हबीब मूलरूप से उड़ीसा के केन्द्रपारा का रहने वाला है। फिलहाल वह काफी समय से सऊदी अरब के रियाद शहर में रह रहा था। एनआए ने सोमवार को उसे दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर पूरी आतंकी साजिश का पता लगाने के लिए रिमांड मांगी है। सोमवार को ही एनआइए ने उसकी गिरफ्तारी की भी पुष्टि की है।
  
- कौन है आतंकी
एनआईए के अनुसार हबीब वर्ष २००७ में गिरफ्तार लश्कर आतंकी शेख अब्दुल नईम उर्फ नोमी का हैंडलर था। नईम को वर्ष २००७ में उस वक्त गिरफ्तार किया था जब वह बांग्लादेश के रास्ते दो पाकिस्तानी और एक कश्मीरी आतंकवादी की भारत में घुसपैठ कराने का प्रयास कर रहा था।

एनआइए के अनुसार शेख अब्दुल नईम अगस्त-२०१४ में कस्टडी से फरार हो गया था। उस वक्त उसे कोलकाता से महाराष्ट्र में कोर्ट में पेश करने के लिए लाया जा रहा था। कस्टडी से फरार होने के बाद नईम पाकिस्तान और सऊदी अरब में रह रहे अपने हैंडलरों के निर्देश पर आतंकवाद में शामिल हो गया था। आरोपितों के बीच भारत में आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए एक गहरी साजिश रची गई थी।

- क्या थी साजिश
इस साजिश का मकसद भारत के संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाकर आतंकी घटनाओं को अंजाम देना था, ताकि देश को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके। नईम को आतंकी घटनाएं अंजाम देने के लिए संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके लिए नईम ने भारत में रहकर की फर्जी पहचान पत्र बनवाए थे। साथ ही उसने देश के अलग-अलग राज्यों में रैकी भी की थी। इसमें जम्मू-कश्मीर, हिमांचल प्रदेश और चंडीगढ़ के भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल थे।

एनआइए के अनुसार हबीब ने ही नईम को भारत में छिपने के लिए ठिकाने उपलब्ध कराए थे। वही उसे देश के अंदर आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए फंड भी मुहैया करा रहा था। इसके लिए हबीब को पाकिस्तान में बैठा लश्कर आतंकी अमजद उर्फ रहमान निर्देशित कर रहा था। नवंबर-२०१७ में एनआइए ने कस्टडी से फरार आतंकी नईम को दोबारा गिरफ्तार किया था। एनआइए ने नईम समेत उसके १० अन्य साथियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। इसमें हबीबउर रहमान उर्फ हबीब का भी नाम शामिल था।

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