कांग्रेस पर स्मृति का पलटवार- जितना मेरा अपमान करोगे, अमेठी में उतनी मेहनत करूंगी

जागरूक टाइम्स 731 Apr 12, 2019

नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्मृति ने कांग्रेस के हमले के बाद भी पलटवार किया है। स्मृति ने कहा- पिछले पांच साल से उन्होंने मुझपर हरसंभव तरीके से हमला किया। उनके लिए मेरा सिर्फ एक संदेश है, तुम लोग जितना मेरा अपमान करोगे, जितना मुझपर हमला बोलोगे, मैं अमेठी में कांग्रेस के खिलाफ उतनी ही ज्यादा कड़ी मेहनत करूंगी।

बता दें नामांकन के हलफनामे में स्मृति ने बताया है कि उन्होंने १२वीं तक पढ़ाई की है। इसी को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा- मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं। हलफनामे के अनुसार, स्मृति ईरानी १२वीं पास हैं जबकि इससे पहले तक उनके ग्रेजुएट होने की बात कही गई थी। इसी बात पर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थीं' धारावाहिक की तर्ज पर 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थी' कहकर चुटकी ली है।

ईरानी पहले विपक्ष के दावों को खारिज करती रही थीं अब उन्होंने माना है कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक कोर्स में दाखिला लिया था लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर पाई थीं। अपने चुनावी हलफनामे में ईरानी ने खुलासा किया कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से पहले साल बैचलर ऑफ कॉमर्स की परीक्षा दी लेकिन वह तीन साल के कोर्स को पूरा नहीं कर पाई थीं।

विपक्ष का कहना है कि २००४ और २०१४ के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपने हलफनामें में खुद को स्नातक बताया था जोकि गलत है। २००४ में ईरानी ने दिल्ली के चांदनी चौक से कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। तब उन्होंने खुद को बीए डिग्रीधारक बताया था। अपने हलफनामे में उन्होंने बताया था कि १९९६ में दिल्ली विश्वविद्यालय से (स्कूल ऑफ कॉरेस्पोंडेंस) उन्होंने बीए किया है। २०१४ के हलफनामे में उन्होंने खुद को दिल्ली विश्वविद्यालय से (स्कूल ऑफ कॉरेस्पोंडेंस) से बीकॉम डिग्रीधारक बताया था।

उनका कहना है कि वह स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई थीं। अगस्त २०१४ में एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान ईरानी ने कहा था कि उनके पास अमेरिका के येल विश्वविद्यालय की एक डिग्री है। जिसपर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा था कि उन्होंने इसे अपने हलफनामे में क्यों नहीं बताया। केंद्रीय मंत्री के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपना शैक्षणिक योग्यता को गलत बताने का मामला दर्ज है।







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