अब तक 11 राज्यों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के 50 मामले आए

जागरूक टाइम्स 386 Jun 26, 2021

नई दिल्ली। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के देश में कुल 50 मामले फिलहाल मौजूद हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले जिन राज्यों में मिले हैं, उनमें आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक डा. एसके सिंह ने कहा कि इन 8 राज्यों में ही 50 फीसदी से ज्यादा केस मिले हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ब्रीफिंग में मीडिया से बात करते हुए आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने कहा कि फिलहाल कोरोना का यह वैरिएंट दुनिया के 12 देशों में पाया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इसके 50 केस भारत में हैं, लेकिन ये एक सीमित दायरे में ही हैं। वहीं इस वैरिएंट पर कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए टेस्ट किए जा रहे हैं और आने वाले 7 से 10 दिनों इसके बारे में जानकारी मिल पाएगी। भार्गव ने कहा कि डेल्टा प्लस से पहले मिले अल्फा बीटा, गामा और डेल्टा जैसे वैरिएंट पर कोविशील्ड और कोवैक्सिन कारगर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से फिलहाल इसका परीक्षण जारी है कि कोरोना की वैक्सीन इस वैरिएंट पर कितना असर करती हैं। हमें लैबोरेट्री के नतीजों का इंतजार है। इसके रिजल्ट 7 से 10 दिन में आ जाएंगे। इसके अलावा कोरोना वैक्सीन को लेकर आईसीएमआर के डीजी ने एक और भ्रम दूर किया है। गर्भवती महिलाओं को टीका लगने से विपरीत असर पडऩे की अफवाहों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है।

राजस्थान में डेल्टा प्लस का पहला केस
बीकानेर। देश के 8 राज्यों में डेल्टा+ वेरियंट के मिलने के बाद अब राजस्थान में भी इस वेरियंट का पहला केस सामने आया है। इस केस के मिलने के साथ ही राजस्थान देश का 11वां ऐसा राज्य बन गया, जहां कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की मौजूदगी मिली है। राज्य में इस नये स्ट्रेन की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ये वेरियंट बीकानेर की एक 65 वर्षीया महिला में मिला है। हालांकि राहत की बात ये है कि वह अभी पूरी तरह स्वस्थ्य है। खास बात ये है कि ये महिला जब कोरोना पॉजीटिव हुई थी, उससे पहले ये महिला के कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुकी थी। इसी के चलते प्रशासन ने महिला के सैंपल की जिनोम सीक्वेंस की जांच के लिए सैंपल आगे भिजवाया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की भी नजर
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस वेरिएंट को ज्यादा संक्रामक पाया है और इसे लेकर वो एक एडवाइजरी भी जारी करने की सोच रहा है। लेकिन इन सबके बीच एक्सपट्र्स का कहना है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के खिलाफ भी हमें वही सावधानियां बरतनी होंगी जिन्हें पहले फॉलो किया गया है। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने जैसे नियम अब भी प्रभावी रहेंगे।अब सवाल ये भी है कि क्या वैक्सीन इस वैरिएंट के खिलाफ काम करेंगी? वैक्सीन को लेकर ये सवाल हर बार तब उठता है जब कोई नया वेरिएंट सामने आता है। इसका कारण ये है कि अभी मौजूद ज्यादातर वैक्सीन कोविड-19 के मूल स्वरूप के लिए बनी हैं। लेकिन एक्सपट्र्स का कहना है कि संभव है वैक्सीन इस वेरिएंट पर भी काम करें। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में इस्तेमाल की जा रहीं दो प्रमुख वैक्सीन को कोविशील्ड और कोवैक्सीन इस वेरिएंट पर प्रभावी हैं। आईसीएमआर और नेशनल वायरोलॉजी इंस्टिट्यूट ने कहा है कि वो डेल्टा प्लस वेरिएंट पर वैक्सीन के प्रभाव की स्टडी करेंगे।


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