CAA UP Protest : यूपी में गोरखपुर से गाजियाबाद तक हालात बेकाबू, हिंसा में 10 लोगों की गई जान

जागरूक टाइम्स 705 Dec 21, 2019

लखनऊ । नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में लखनऊ और संभल में गुरुवार को हिंसा के बाद पुलिस व खुफिया इकाइयों को जो आशंका थी शुक्रवार को वही हुआ। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के दावों के बीच जुमे की नमाज के बाद सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी बेकाबू हो गए। कानपुर नगर, फीरोजाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, गोरखपुर, बिजनौर, हापुड़, सहारनपुर, अमरोहा, बहराइच, बरेली, मुजफ्फरनगर समेत करीब 15 जिले सुलग उठे। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और 50 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया, लेकिन कई मौकों पर बेकाबू भीड़ के आगे उसे कदम पीछे भी हटाने पड़े।

हिंसा के दौरान 10 व्यक्तियों की मौत हुई है। इनमें मेरठ में तीन, बिजनौर व फीरोजाबाद में दो-दो, वाराणसी, कानपुर, मुजफ्फरनगर व सम्भल में एक-एक जान गई है। करीब 15 जिलों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। इनमें बिजनौर में दो, मेरठ, फीरोजाबाद, कानपुर व संभल में एक-एक व्यक्ति की जानें गई हैं। करीब 15 जिलों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। लखनऊ में गुरुवार को हिंसा के दौरान एक युवक की जान गई थी। दो दिनों में अब प्रदेश में हिंसा के दौरान मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। शुक्रवार को हिंसा के दौरान बिजनौर में एक सिपाही के पेट में गोली लगी, जबकि मेरठ में दो सिपाही गोली लगने से घायल हुए हैं।

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को विभिन्न जिलों में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए 667 आरोपितों को हिरासत में लिया गया है, जिनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। हिंसा के दौरान कुल 38 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने कई जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बाधित करा रखा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को हुई हिंसा के बाद डीजीपी ओपी सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को तलब कर सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने देर रात वीडियो कांफ्रेंसिंग करके भी कहीं भी हिंसा न होने देने की बात कही थी। डीजीपी गुरुवार रात को लखनऊ में पुलिस बंदोबस्त का जायजा लेने निकले थे और सभी जिलों में पूरी मुस्तैदी बरतने के निर्देश दिए गए थे। लखनऊ में टीले वाली मस्जिद के पास व अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के साथ पीएसी व अर्द्धसैनिक बल के जवान मुस्तैद थे। पुलिस की सख्ती का असर लखनऊ में तो रहा, लेकिन कई अन्य जिले उबल पड़े। पुलिस के बंदोबस्त काफी साबित नहीं हुए। जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव व वाहनों में आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं।

मेरठ में जुमे की नमाज के बाद कोतवाली थाने पर उपद्रवियों ने सीओ और सिपाही पर पर पथराव कर दिया और इस्लामाबाद चौकी में आग लगा दी। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि एक उपद्रवी को मरणासन्न हालत में उसके साथी ही उठाकर ले गए। छह पुलिसकर्मी भी पथराव और फायरिंग में घायल हुए हैं। मुजफ्फरनगर में उन्मादी भीड़ ने पथराव, पेट्रोल की बोतलें फेंकी। देना बैंक की शाखा को आग के हवाले कर दिया। पुलिस, पीएसी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी। हिंसा में नूरा निवासी किदवईनगर की मौत हो गई।

Leave a comment