तीन तलाक का जबाब, महिला आरक्षण बिल पास करे मोदी सरकार: राहुल

जागरूक टाइम्स 230 Jul 16, 2018


सरकार को पत्र लिखकर की मांग

नई दिल्ली । पीएम मोदी द्वारा मुसलमान महिलाओं के हित में तीन तलाक पर कानून बनने की बात कहीं तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण बिल लाने की मांग की है। राहुल ने अपने पत्र में कहा है कि कांग्रेस संसद में इस बिल का समर्थन करेगी। राहुल गांधी का यह पत्र को बीजेपी के तीन तलाक विधेयक के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल,बीजेपी भी तीन तलाक पर इस सत्र में विधेयक लाना चाह रही है और इसके लिए वह विपक्षी दलों से सहयोग की मांग कर चुकी है।

संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगा। राहुल ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। इस बाबत यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी पिछले साल केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। बता दें कि महिला आरक्षण विधेयक पिछले काफी समय से लटका है। साल 1996 में तत्कालीन पीएम एचडी देवगौड़ा के कार्यकाल में इस बिल को संसद में पेश किया गया था।

 इसके बाद 2010 में राज्यसभा में पास होने के बाद यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। वर्ष 1993 में संविधान में 73वें और 74वें संशोधन के जरिए पंचायत और नगर निकाय में एक तिहाई सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया था। कानून के जानकारों का कहना हैं कि महिला आरक्षण को मंजूरी देने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा।

अलग-अलग दल महिला आरक्षण में अलग-अलग समुदाय की महिलाओं की आरक्षण की मांग कर रहे हैं। पिछले साल नवरात्रि की पूर्व संध्या पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महिला सशक्तीकरण की बात करते हुए प्रधानमंत्री से लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को जल्द से जल्द पास कराने की अपील की थी। सोनिया ने लिखा था, लोकसभा में बीजेपी को मिले बहुमत को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द महिला आरक्षण बिल पास कराने की कोशिश होनी चाहिए।

यह बिल मार्च 2010 में राज्यसभा में पास हो चुका है और अब लोकसभा की मंजूरी पाने की बाट जोह रहा है। इसलिए आप इस लोकसभा में लेकर आए हमारी पार्टी की ओर से सरकार को इस बिल पर पूरा समर्थन होगा। सोनिया गांधी ने याद दिलाया था कि कांग्रेस और उनके दिवंगत नेता राजीव गांधी ने संविधान संशोधन बिलों के जरिए पंचायतों व स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण के लिए पहली बार प्रावधान किया व महिलाओं को सशक्त बनाने की ओर कदम उठाया था।

उधर, मोदी सरकार मानसून सत्र के दौरान विपक्ष से तीन तलाक सहित कई अटके बिलों को पास कराने के लिए सहयोग की उम्मीद कर रही है। सरकार ने विपक्षी दलों से तीन तलाक, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा, बलात्कार के दोषियों को सख्त दंड के प्रावधान वाले विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सहयोग मांगा है।

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