370 और भ्रष्ट्राचार होगा 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुददा

जागरूक टाइम्स 293 Sep 6, 2019

नई दिल्ली (ईएमएस)। लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद भाजपा ने आगामी दिनों में होने वाले 4 राज्यों में चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार कर ली है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान देश से भष्ट्राचार खत्म करने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि भष्ट्राचारी नेताओं को तिहाड़ जेल के दरवाजे तक लेकर आ गए हैं, दूसरी बार सरकार बनने के बाद इन भष्ट्राचारी नेताओं को तिहाड़ जेल पहुंचाया जाएगा। राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रमुख रणनीति में भष्ट नेताओं को जेल पहुंचने और धारा 370 के नासूर को खत्म करने की बात कह राज्यों के चुनाव जीतने की रणनीति भाजपा ने तैयार की है।

जहां कांग्रेस के दो कद्दावर नेता सीबीआई और ईडी की गिरफ्त में आ चुके हैं जबकि कुछ और पार्टी नेताओं पर शिकंजा कसता दिख रहा है। इनमें सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट बाड्रा मनी लाड्रिंग मामले, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में बेल पर है। जबकि कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े संकटमोचक राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पहले से ही जेल में हैं। इसके बाद में पार्टी में अविश्वास का माहौल गहराने लगा। यूं तो पार्टी ने इन कार्रवाइयों को राजनीति से प्रेरित बताया है, लेकिन यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस विश्वसनीयता के संकट से गुजर रही है। रतुल पुरी को अगुस्टावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में कथित भूमिका के आरोप में ईडी ने गिरफ्तार कर उन्हें 6 दिन की ईडी की हिरासत में भेज दिया। वहीं ईडी ने कांग्रेस के एक और कद्दावर नेता और गुजरात से राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल से गुरुवार को फिर से पूछताछ की। फैसल स्टर्लिंग बायोटेक मनी लॉन्ड्रिंग केस में कथित भूमिका के चलते ईडी के निशाने पर हैं।

इन घटनाओं के बीच कांग्रेस पार्टी कम-से-कम बयानों से अपनी साहसिक छवि पेश कर रही है और कह रही है कि वह प्रताड़ित करने के प्रयासों के आगे सच बोलने से नहीं रुकेगी। हालांकि,ऐसा जान पड़ता है कि इन घटनाओं से पार्टी की साख को झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा में विधानसभा के चुनावों से ठीक पहले बहुत कमजोर कर दिया है। क्योंकि बीजेपी एक बार फिर 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार के मुद्दे को भुनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। आर्टिकल 370 हटाए जाने पर कांग्रेस नेताओं के एक-दूसरे के विपरीत विचार सामने आ चुके हैं। अब भ्रष्टाचार के मामलों में नेताओं पर कस रहे शिकंजे से चुनावी राज्यों में पार्टी नेता पाला बदलने लगे हैं।

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मोदी सरकार की असफलताओं को लेकर कांग्रेस के हमले उसके नेताओं पर भ्रष्टाचार के मामले में हुई कार्रवाइयों के कारण कुंद हो रही है। देश में जारी आर्थिक सुस्ती ने कांग्रेस को मोदी सरकार हमला करने का दिया था, लेकिन कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी को बीजेपी इस रूप में पेश कर रही हैं, अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में वह कांग्रेस के मुकाबले फिर भी ठीक है क्योंकि उसके शासनकाल में कम-से-कम भ्रष्टाचार नहीं हो रहा। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने संकेत दिया है कि हालिया के दिनों में हुई घटनाओं से पार्टी के सामने चुनौतियां सिर्फ चुनाव के वक्त पैदा हुई मुश्किलों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पार्टी की दिशा और इसके नेतृत्व को लेकर कुछ गंभीर और मौलिक सवाल खड़े करेंगी।


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