ऋण शोधन कार्यवाही के तहत नियमों में ‎किए संशोधन

जागरूक टाइम्स 347 Jul 5, 2018

- मकान खरीदारों के लिए प्रक्रिया अधिसूचित

मुंबई : ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवाला बोर्ड (आईबीबीआई) ने कर्ज शोधन प्रक्रिया के तहत संशोधित नियमों को अधिसूचित किया है। इससे मकान खरीदारों को वित्तीय कर्जदाता के रूप में राहत पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही इसमें समाधान पेशेवरों द्वारा स्पष्ट रूप से समयसीमा का पालन तथा कुछ शर्तों के साथ ऋण शोधन आवेदन वापस लेने की मंजूरी शामिल है।

आईबीबीआई ने यह व्यवस्था दी है कि समाधान पेशेवरों को यह निर्धारित करना चाहिए कि क्या कर्जदार कंपनी समाधान प्रक्रिया के दौरान निश्चित समयावधि में धोखाधड़ी वाले लेन-देन में शामिल थी। सरकार जून में ऋण शोधन एवं दिवाला संहिता (आईबीसी) में संशोधन को लेकर अध्यादेश लाई थी। इसके बाद आईबीबीआई (कंपनियों के लिए ऋण शोधन प्रक्रिया) नियमन को संशोधित किया गया है।

संशोधित नियमों में मकान खरीदा समेत विभिन्न श्रेणी के कर्जदाताओं के लिए प्रक्रियागत जरूरतों के मामले में अधिक स्पष्टता लाई गई है।अब समाधान पेशेवरों को यह निर्धारित करना है कि क्या कर्जदाता धोखाधड़ी वाले लेन -देन में शामिल था। साथ ही उसे यह निश्चित अवधि में निर्धारित करना है। इसके अलावा संशोधित नियमन में समाधान पेशेवरों के लिये स्पष्ट रूपरेखा रखी गई है। अब उन्हें ऋण शोधन प्रक्रिया शुरू होने की तारीख से 75 वें दिन रूचि पत्र (ईओआई) प्रकाशित करना है।

साथ ही ईओआई जमा करने की समयसीमा से 10 दिन के भीतर समाधान पेशेवरों को संभावित आवेदनकर्ताओं की अस्थायी सूची प्रकाशित करनी होगी। विज्ञप्ति के अनुसार समाधान पेशेवर संभावित समाधान आवेदनकर्ताओं की अस्थायी सूची प्रकाशित करने पांच दिन के भीतर सूचना ज्ञापन, मूल्यांकन रूपरेखा तथा समाधान योजना के लिए अनुरोध जारी करेगा। वह समाधान योजना जमा करने के लिये कम-से-कम 30 दिन का समय देगा।

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