उचित आय देने वाले रोजगार पैदा करना होगा: नारायणमूर्ति

जागरूक टाइम्स 1192 Jan 6, 2020

मुंबई (ईएमएस)। देश में असमानता की समस्या से निपटने के लिए वाजिब आय देने वाले रोजगार पैदा करने पर ध्यान देना होगा है। यह बात सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक और मानद चेयरमैन एन आर नारायणमूर्ति ने कही। उन्होंने कहा कि इसतरह के प्रयास होने चाहिए कि कृषि क्षेत्र में काम करने वाले अधिक लोगों को निम्न प्रौद्योगिकी वाले विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में लाने पर जोर दिया। कृषि क्षेत्र में प्रति व्यक्ति जीडीपी आय अभी भी कम है जबकि अपेक्षाकृत हल्की प्रौद्योगिकी वाले विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में आय का स्तर कुछ बेहतर है। नारायणमूर्ति ने कहा,भारत जैसे देश में असमानता को रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा करके ही दूर किया जा सकता है। रोजगार के अवसर पर्याप्त आय देने वाले हो तभी असमानता की स्थिति से निपटा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आजभी भारत में 65 करोड़ लोग यानी 58 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर निर्भर हैं जो कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 14 प्रतिशत का योगदान करता है।दूसरे शब्दों में कहे तब भारत की प्रति व्यक्ति आय यदि 2,000 डालर है तो कृषि क्षेत्र में काम करने वालों की आय मुश्किल से सालाना 500 डालर होगी। क्योंकि ये 58 प्रतिशत लोग देश की जीडीपी में केवल 14 प्रतिशत का योगदान करते हैं। मूर्ति ने कहा कि 500 डालर सालाना की यह आय 1.5 डालर प्रतिदिन बैठती है यानी 100 रुपये प्रति दिन के करीब होती है। कृषि क्षेत्र में काम करने वालों को इसी आय में अपना खाना, पीना, स्वास्थ्य, शिक्षा और बच्चों की देखभाल करनी है और किराया भी देना है। इस लिहाज से भारत में गरीबी से लोगों को निकालने के लिये उन्हें कृषि क्षेत्र से हटाकर निम्न-प्रौद्योगिकी सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्र में लगाने की जरूरत है,लेकिन दुर्भाग्य से देश ऐसा नहीं कर पा रहा है।


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