ऑनलाइन ने ऑफलाइन कारोबारियों पर डाला प्रतिकूल असर, मुंबई के दुकानदारों की टूटी कमर

जागरूक टाइम्स 119 Oct 26, 2019

मुंबई (ईएमएस)। इस बार 5दिनी दीपावली उत्सव के पहले दिन धनतेरस पर बाजारों में रौनक वैसी नहीं रही जैसी बीते सालों में रहती थी। दरअसल ऑफलाइन दुकानों में ऑनलाइन कारोबार के चलते प्रतिकूल असर पड़ा है। मुंबई में बर्तन के बड़े बाजारों में से एक भुलेश्वर मार्केट में शुक्रवार को धनतेरस के दिन इस बार पिछले सालों के मुकाबले कुछ चहल-पहल कम रही। स्थानीय व्यापारियों का कहना था कि ऑनलाइन मार्केट की वजह से 20-30 प्रतिशत बिजनेस का नुकसान हुआ है। ग्राहक दुकान में सामान देखने आते हैं, लेकिन उन्हीं चीजों की कीमत ऑनलाइन देखकर तोल-मोल करते हैं।

कालबादेवी रोड पर कंसारा चाल में स्टील के बर्तन की कई दुकानें हैं। एक व्यापारी अशोक भाई ने बताया कि कुछ ग्राहक बरसों से परंपरा के तौर पर आते हैं, चाहे 200 रुपये का भी सामान हो, लेकर जाते हैं। उन्हीं ग्राहकों के साथ अब उनके पोते-पोतियां आने लगे हैं। कोई आइटम बताओ, तो वे तुरंत उसके ऑनलाइन दाम चेक करके दादी-नानी के कान में फ‌ुसफुसाहट करने लगते हैं। इसके बाद ग्राहक को ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस का फर्क समझाना पड़ता है, जो कई बार मुश्किल होता है। हालांकि, पुराने ग्राहकों को समझ में आ जाता है कि जो रिश्ता ग्राहकों और दुकानदारों का है, वो ऑनलाइन कभी नहीं मिलेगा। सामान में किसी तरह की खराबी निकलने पर ग्राहक दुकान पर माल छोड़कर जाते हैं, ऑनलाइन बिजनेस में ये सब मुमकिन नहीं।

मार्केट में मंदी के दौरान कई डीलर्स से सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, त्योहारों के कुछ दिन पहले स्थिति सामान्य जरूर हुई, लेकिन प्रभाव अभी तक कायम है। कॉपर के और स्टील के कुछ खास आइटम की डिमांड है, लेकिन मार्केट में माल नहीं है। धनतेरस के दिन लोग सेहत का खयाल रखते हुए भी कॉपर के सामान खरीदते हैं। आजकल फ्रिज में रखने वाली कॉपर की बोतलें ट्रेंड में हैं, लेकिन मार्केट में चुनिंदा लोगों के पास ही माल है। दूसरी ओर इसी तरह की चीजें ऑनलाइन मिल जाएगी। कहने का मतलब है कि डीलर्स भी ऑफलाइन से ज्यादा ऑनलाइन सप्लाई में ध्यान रख रहे हैं।

मंगलम स्टील के विसनजी नागडा कहते हैं कि ऑनलाइन मार्केट की वजह से उन्हें 20-30 प्रतिशत फर्क पड़ा है। इसके तोड़ में उन्होंने ग्राहकों से फोन पर ऑर्डर लेने शुरू किए हैं और सप्लाई भी शुरू की है। नागडा बताते हैं कि ऑनलाइन से तो निपट लिए, लेकिन मंदी से लड़ने में अभी दो-तीन साल और लगेंगे। सरकारी योजनाओं से मार्केट पर जो असर पड़ा है, उससे उबरने में भी उतना ही वक्त लगेगा। उनकी दुकान में सामान खरीदने आई ग्राहक पूनम यादव ने बताया कि ऑनलाइन सामान मंगाकर दो-तीन बार ट्राई किया लेकिन दुकान में आकर आप तसल्ली से सामान देख सकते हैं। पुराने ग्राहकों को तो चाय-ठंडा भी मिलता है, ये बात ऑनलाइन बिजनेस में कहां है।


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