यस बैंक संकट: लाइनों में लगे लोगों को याद आई , पीएमसी बैंक घोटाला

जागरूक टाइम्स 549 Mar 7, 2020

- बीते ६ महीने में दो बैंक बंद

- निजी बैंकों का अब कोई भरोसा नहीं

मुंबई, (ईएमएस)। पिछले तीन दिनों में यह सवाल आम हो चुका है कि आपका यस बैंक में खाता तो नहीं है? लोग कह रहे हैं किसी भी निजी बैंक का अब कोई भरोसा नहीं रह गया है. न जाने कब उनकी जमा पूंजी दुब जाये और अपना ही पैसा लेने के लिए लाइन में लगना पड़े. जी हाँ इन दिनों हर तरफ यही चर्चा चल रही है. हो भी क्यों न जब पहले पीएमसी बैंक और अब यस बैंक डूब गए. यानि बीते ६ महीने में दो बैंक बंद हो गए. यस बैंक की ब्रांच और एटीएम के बाहर खड़े लोग पीएमसी बैंक घोटाले और नोटबंदी के वक्त की कड़वी यादें ताजा कर रहे हैं. मुंबई और आस-पास के शहरों समेत देशभर में हाल इतना बुरा है कि किसी-किसी के पास नौकरी पर जाने तक का किराया नहीं है. कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनपर दोहरी मार पड़ी।

पहले पीएमसी का दर्द झेला और अब यस बैंक। शुक्रवार को यस बैंक के बाहर लंबी-लंबी कतारें थीं। एटीएम में पैसा नहीं था, इंटरनेट बैंकिंग चल नहीं रही थी। एक खाताधारक कहते हैं, '50 हजार की लिमिट तय कर दी है। इतने पैसों से पूरे महीने का खर्च कैसे चलेगा? मुझे प्रॉपर्टी देखनी थी। बिना पैसे क्या करूं? पीएमसी बैंक में भी ऐसा ही कुछ हुआ था। मेरे जैसे कितने ही लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी बैंक खातों में होती है। यह डरवाना है।' बहरहाल   मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण और उल्हासनगर में यस बैंक की ब्रांचों के बाहर खड़े लोगों को देखकर 6 महीने पहले की तस्वीर सामने आ गई।

तब पीएमसी बैंक के खाताधारक ऐसे ही लाइन में खड़े हुए थे। मुंबई की एक ब्रांच के बाहर चंदन चोटरानी नाम के शख्स लाइन में खड़े थे. उनका कहना था कि, पीएमसी बैंक घोटाले के बाद उनकी सास को ऐसा सदमा लगा था कि उनकी जान ही चली गई थी। दरअसल, चंदन और उनकी पत्नी का पीएमसी बैंक में भी खाता था। पत्नी ने अपनी मां भारती को दिक्कतों के बारे में बताया और अगले दिन दिल के दौरे से उनकी मौत हो गई थी। वह बोले, 'मुझे नहीं पता कि हमारे सिस्टम में क्या गलत हो रहा है। 6 महीने में दो बैंक बंद हो गए। मैं थोड़ा भाग्यशाली रहा, दो दिन पहले ही मैंने कुछ पैसा निकाल लिया था। लेकिन अभी हमारा बहुत पैसा फंसा हुआ है।'



Leave a comment