सिरोही में अनजान युवती के शव को महिला कॉन्स्टेबल जस्सी ने दिया कन्धा, आखिर क्यों...

जागरूक टाइम्स 1973 Jul 17, 2018

सिरोही. बेसहारा 52 वर्षीय पिता एवं उनकी 21 वर्षीय पुत्री, जिनका की कोई स्थाई निवास नहीं होने पर पिछले 2 वर्षों सेएचआईवी रोग से संक्रमित पुत्री को कल सिरोही सरकारी अस्पताल में मृत घोषित करने के बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।परिवार में एकमात्र पिता के सिवाय दूसरा कोई नहीं होने पर असहाय निर्धन पिता द्वारा अंतिम संस्कार हेतु अन्य लोगों से सहायता करने हेतु प्रयास करने पर युवती के संक्रमित रोग पीड़ित होने से मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार हेतु कोई तैयार नहीं हुआ ।
इस पर समाजसेवी एवं लायंस क्लब अध्यक्ष प्रकाश प्रजापति को सूचित करने पर प्रजापति ने पिता से मिलकर शव का विधि विधान से अंतिम संस्कार करने का जिम्मा उठाया । अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी कॉन्स्टेबल जस्सी चौधरी ने शव को कंधा देकर सांसारिक विधान पूरा किया। तत्पश्चात लायंस क्लब की शव वाहिनी से शव को श्मशान घाट ले जाकर विधि-विधान पूरा कर पिता के हाथों मुखाग्नि दिलवाकर अंतिम संस्कार करवाया।
अंतिम संस्कार के दौरान युवती के पिता,समाजसेवी प्रकाश प्रजापति, तुषार ,सफाई कर्मी राकेश ,नरेंद्र धारू उपस्थित थे। अंतिम संस्कार हेतु लकड़ियों की व्यवस्था मुक्तिधाम व्यवस्थापक भुबाराम माली ने मुक्तिधाम से निःशुल्क करवाई । 3 माह पूर्व भी पिता पुत्री के सिरोही बस स्टेशन पर कई दिनों से बीमारी की हालत में पड़े होने की सूचना समाजसेवी प्रकाश प्रजापति को मिलने पर प्रजापति ने ऑटो से ले जाकर दोनों को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया था. प्रजापति को देखकर पिता ने स्वयं याद दिलवाया कि उन्होंने ही पहले भी इस युवती को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। मोर्चरी से शव यात्रा निकालते समय प्रजापति,युवती के पिता एवं परिचित तुषार तीन व्यक्ति ही कंधा देने को थे ,इस पर कॉन्स्टेबल जस्सी चौधरी ने चौथा कंधा दिया।

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