चितिंत राष्ट्रपति ने कहा, पॉक्सो एक्ट के तहत अपराधियों के लिए दया याचिका का विकल्प खत्म

जागरूक टाइम्स 186 Dec 6, 2019

माउंट आबू (ईएमएस)। देश भर में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ते अपराधों पर चिंता जाहिर करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि पॉक्सो एक्ट के तहत इसतरह के अपराधियों के लिए दया याचिका का विकल्प खत्म होना चाहिए। राजस्थान के माउंट आबू में ब्रह्मकुमारीज संस्था के कार्यक्रम में राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, पॉक्सो एक्ट में माफी का प्रावधान खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की संसद को इस संबंध में विचार करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ आसुरी अपराधों को रोकने के लिए जरूरी है कि हम लड़कों के मन में बेटियों और महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव पैदा करें। उन्होंने कहा, महिला सुरक्षा एक गंभीर विषय है। इस पर बहुत काम हुआ है, लेकिन बहुत से काम होने बाकी हैं। लड़कों में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने की जिम्मेदारी देश के हर माता-पिता की मेरी और आपकी भी है।'

कोविंद ने देश के राष्ट्रपति को प्रथम नागरिक माने जाने की इस दौरान नई परिभाषा भी दी।उन्होंने कहा,यदि इस देश में 135 करोड़ लोग हैं,तब उनमें प्रथम नागरिक होने का अर्थ क्या है। मान लीजिए कि एक गोले में 135 करोड़ लोग खड़े हो जाएं तो फिर मैं ही नहीं बल्कि मुझसे हटकर जिस पर भी उंगली रखी जाएगी,वह पहला नागरिक ही होगा।' इस बीच 16दिसंबर, 2012 को निर्भया के साथ दिल्ली में गैंगरेप और हत्या के आरोपियों की दया याचिका को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास भेज दिया है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से इस याचिका को खारिज करने की भी गुजारिश की है। बता दें कि याचिका कि यह फाइल दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से होते हुए गृह मंत्रालय पहुंची थी।


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