सेवा और त्याग का पर्याय है रावल ब्राह्मण समाज - लोढ़ा

जागरूक टाइम्स 349 Jun 21, 2018

सिरोही। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवम् पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहां कि रावल ब्राह्मण समाज ने तप व सेवा के कारण शासन में हिस्सेदारी प्राप्त की। रियासतकाल में न केवल जागीरी दी गई बल्कि रावल जी उपाधि दी गइ। मेरा सौभाग्य हैं कि वाराही माता के दरबार में मुझे हाजरी देने का मौका मिला व समाज का स्नेह व आर्शिवाद मिला। लोढ़ा पालड़ी आर में वाराजी माता मंदिर के वार्षिकोत्सव पर उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने एक कथा के माध्यम से यह प्रतिपादित किया कि मनुष्य का वर्तमान जीवन ही सबकुछ है।

 इसी जीवन का कर्म ही सारे फलीतार्थ निर्धारित करता है। लोढ़ा ने कहां कि स्वर्ग व नरक की कल्पना इस जीवन के संदर्भ में हम अपने कर्म के आधार पर जीते है। किसी और जगह न स्वर्ग हैं न ही नरक। लोढ़ा ने कहां कि रावल ब्राह्मण समाज ने धर्म की अनुपम सेवा की है। धर्म संस्कृति को सुरक्षित रखने एवम् संरक्षित करने में अपना जीवन समर्पित किया है। आपके पुरखों के पुण्य का फल आपकी नई पीढ़ी को मिल रहा है। 

समारोह में ट्रस्ट अध्यक्ष कांतिलाल रावल, बाबूलाल रावल, रामलाल रावल, जयन्तिलाल रावल, जितेश रावल, प्रकाशराज रावल, दौलत रावल, संदीप रावल, राकेश रावल, अंकुर रावल, प्रताप रावल एवम् गणमान्य लोग उपस्थित थे। इससे पूर्व मेले में लोढ़ा के पहुॅचने पर ढ़ोल ढ़माकों की गूंज के बीच स्वागत किया गया।

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