रोडवेज बसों का ठहराव नहीं होने से ग्रामीण खासे परेशान

जागरूक टाइम्स 156 Aug 10, 2019

नया सानवाड़ा/सिरोही। ब्यावर-पिण्डवाड़ा फोरलेन पर बसे नया सानवाड़ा, वीरवाड़ा व झाडोली जैसे कई गांवों में लम्बे अर्से से रोडवेज बसें नहीं जाने या ठहराव नहीं होने से ग्रामीणों को निजी व अवैध रूप से संचालित वाहनों में सफर करने को विवश होना पड़ रहा है। कई बार तो बस किराए से किराया भी ज्यादा चुकाना पड़ता है। नया सानवाड़ा, वीरवाड़ा, झाडोली सरीखे कई गांवों में रोडवेज की बसें गांव में नहीं जाकर नेशनल हाईवे की सर्विस लेने से ही होकर निकल जाती है या फिर बाईपास होकर ही गुजर जाती है। यह तो लोकल बसों का हाल है। 

एक्सप्रेस बसें तो सीधी हाईवे से ही होकर निकल जाती है। जो एक्सप्रेस बसें पहले इन गांवों में रूकती थी, वे अब वहां ठहराव तक नहीं करती। अर्से पहले सुबह 7 बजे सिरोही से प्रस्थान कर गुजरात में अम्बाजी जाने वाली बस बकायदा गांव से होकर गुजरती थी। लेकिन, अब यह सीधी निकल जाती है। समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों से कई बसों को गांव में से होकर गुजारने व स्टोपेज तय करने की गुहार लगाई, पर नतीजा सिफर ही रहा। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

यात्रियों से अधिक किराया वसूलने में नहीं करते झिझक
रोडवेज बसें इन गांवों से होकर संचालित नहीं होने से निजी या अवैध वाहन चालक किराया वसूलने में मनमानी करते है। कई बार ग्रामीणों से ज्यादा किराया वसूलने में कोई झिझक नहीं की जाती। वीरवाड़ा गांव से सिरोही की दूरी मात्र 15 किमी है, लेकिन ऐसे वाहन चालक कई बार पच्चीस से तीस रुपए तक भी किराया वसूल लेते हैं। ऐसी स्थिति में यात्रियों की जेब पर मार पडऩा लाजिमी है।

बसों का ठहराव नहीं होने से छात्र भी हो रहे है परेशान
इन गांवों से होकर बसों के गुजरने अथवा ठहराव नहीं करने से इन गांवों के उच्च अध्ययन करने के लिए सिरोही अथवा आबूरोड जाने वाले छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निजी अथवा अवैध वाहनों में सफर करना उनकी मजबूरी हो जाती है। बसों से सम्बंधित इस समस्या को लेकर विश्व हिन्दू परिषद की पिण्डवाड़ा इकाई के कार्यकर्ताओं व वीरवाड़ा के ग्रामीणों ने सिरोही आगार के मुख्य प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा और समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाने की गुहार लगाई है।

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