जालोर की शहरी स्कूल में पढ़ी संजू का आरजेएस में चयन

जागरूक टाइम्स 637 Nov 20, 2019

जालोर. सरकारी स्कूलों में उचित अध्यापन न होने की नकारात्मकता रखने वालों के सामने सीकर हाल जालोर की बिटिया संजू ने सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। हाल ही में जारी हुए राजस्थान न्यायिक सेवा परिणाम में संजू का चयन हुआ है। संजू के आरजेएस बनने से न केवल उनके परिजन बल्कि स्कूल के गुरुजनों में भी खुशी का माहौल है। आपको बता दे कि रामपुरा सीकर निवासी दानाराम चौधरी जालोर में ग्रेनाइट व्यवसाय के लिए जालोर आ गए थे। उनके पुत्र मंशाराम का परिवार गांव में ही रहता था। ऐसे में मंशाराम की बेटी संजू को सीकर के रामपुरा गांव की प्राथमिक स्कूल में भर्ती करवा दिया।

पांचवी के बाद परिवार को जालोर शिफ्ट किया, यहां भी उन्होंने बिटिया संजू को सरकारी स्कूल में ही अध्ययन करवाया। संजू होनहार थी, उसने दसवीं और बारहवीं में जिला मेरिट स्थान पाया था। उसके बाद संजू का चयन क्लेट में हो गया। जिस पर उसने निरमा विश्वविद्यालय अहमदाबाद से एलएलबी ऑनर्स की। वर्तमान में संजू अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में कनिष्ठ विधि सहायक पद पर तैनात है। इसके साथ ही संजू ने आरजेएस की परीक्षा दी, जिसमें उसका चयन हो गया। परिवार में खुशी का माहौल है।

बिटिया की सफलता पर खुश हूं
संजू के दादा दानाराम चौधरी ने बताया कि बिटिया की सफलता खुशी लेकर आई है। वह शुरू से ही होनहार रही है।सरकारी स्कूलों के प्रति रखना चाहिए सकारात्मक नजरिया

संजू के पिता मंशाराम चौधरी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में भी बेहतर शिक्षा का निर्माण होता है। इसलिए हमने संजू को शुरू से ही सरकारी विद्यालय में पढ़ाया। यह सफलता उसकी मेहनत का परिणाम है।

संजू होनहार विद्यार्थी रही
शहरी स्कूल के शिक्षक रहे अम्बिका प्रसाद तिवारी ने बताया कि संजू शुरू से होनहार विद्यार्थी रही है। दसवीं और बारहवीं में मेरिट में सफलता पाई।

बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के साथ होना पड़ेगा करियर के प्रति सतर्क
संजू चौधरी ने बताया कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के साथ शिक्षा से जोड़कर अपने करियर के प्रति सतर्क होना पड़ेगा। नारी की शिक्षा ही उसके सर्वांगीण विकास का आधार होगी। अतः प्रतिस्पर्धा के इस युग में और वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर नारी सशक्तिकरण के लिए शिक्षा से जुड़ाव पैदा करना मूल आवश्यकता है।






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