सिरोही में दूसरे दिन भी सड़कों पर नहीं दौड़ी रोडवेज की बसें

जागरूक टाइम्स 270 Jul 26, 2018


यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी दिक्कतें,  टैक्सियों व अवैध वाहनों में सफर
करने को हुए विवश

 संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर दूसरे दिन भी जारी रही चक्काजाम हड़ताल,  वर्कशॉप के गेट पर धरना व विरोध प्रदर्शन रहा जारी।

सिरोही। राजस्थान रोडवेज के विभिन्न श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा केप्रदेश व्यापी आह्वान पर राजस्थान रोडवेज के सिरोही व आबूरोड आगार केकर्मचारियों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहने से बसोंके चक्के थमे रहे। चक्काजाम हड़ताल के चलते अनुबंधित बसें भी नहीं चली। आगार की तमाम बसें वर्कशॉप व केन्द्रीय बस स्टैण्ड परिसर में ही पड़ीरही। तमाम बसें गुरुवार रात बारह बजे बाद से चलनी शुरू होगी। 

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चक्का जामहड़ताल के कारण यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। दिन में तो लोगोंने विभिन्न रूटों पर टैक्सियों व अन्य अवैध वाहनों में भी जैसे-तैसे कर सफर कर लिया, पर रात में टैक्सियां बंद रहने से उन्हें भारी दिक्कत कासामना करना पड़ा। आमतौर पर बसों की आवाजाही से रोजाना चहकने वाला बसस्टैण्ड परिसर लगातार दूसरे दिन भी सुनसान रहा। हालांकि, भामसं से जुड़ेकर्मचारी ड्यूटी पर तो आए, पर उन्होंने भी बसों का संचालन नहीं किया।

भामसं से जुड़े कार्मिकों ने केन्द्रीय बस स्टैण्ड परिसर में हड़ताल केखिलाफ व अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। वहां ऐलान किया गया किभामसं 29 अगस्त को विभिन्न मांगों को लेकर जयपुर में भामसं के बैनर तलेमहारैली का आयोजन किया जाएगा।केन्द्रीय बस स्टैण्ड परिसर में हड़ताल के समर्थन के साथ विरोध भीहड़ताल में इंटक, एटक, सीटू, बीजेएमएम, रोडवेज रिटायर्ड कर्मचारी कल्याणसमिति एवं रोडवेज कर्मचारी रिटायर्ड एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारी सम्मिलितहै।

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आंदोलनकारी कार्मिकों ने दावा किया कि भामसं से जुड़े कार्मिकों नेबसों को संचालित करने का प्रयास किया, पर उन्होंने सफल नहीं होने दियाकार्मिकों ने वर्कशॉप के गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। 'चाहे जोमजबूरी हो, हमारी मांगें पूरी हो' सरीखे नारों से परिसर को गूंजा दिया।संयुक्त मोर्चा के संयोजक बहादुरसिंह राठौड़ ने बताया कि यदि राज्य सरकारअपनी हठधर्मिता पर अड़ी रही तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

हालांकि, भारतीय मजदूर संघ व अखिल भारतीय परिवहन महासंघ से सम्बद्धराजस्थान परिवहन निगमसंयुक्त कर्मचारी फेडरेशन की सिरोही आगार इकाई केकार्मिकों ने हड़ताल तो नहीं की, पर विरोध के चलते ड्यूटी पर उपस्थितरहने के बावजूद बसों का संचालन नहीं किया। उन्होंने दूसरे दिन भी
केन्द्रीय बस स्टैण्ड परिसर को हर जोर जुर्म की टक्कर में, संघर्ष हमारानारा है, देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम सरीखे नारोंसे गूंजा दिया।

नारे लगाने वाले भामसं से जुड़े राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फेडरेशन की सिरोही आगार शाखा के अध्यक्ष रमेश साईं,सचिव अरविन्दरसिंह, सम्भागीय सचिव उम्मेदाराम, प्रदेश उपाध्यक्षराजेन्द्रसिंह डाबी, संगठन मंत्री नरेन्द्रङ्क्षसंह जोधा, मुरलीधर खंडेलवाल, महेन्द्रकुमार भाटी समेत कई कार्मिक शामिल थे।सार्वजनिक उपक्रमों को धीमा जहर देकर मारने का आरोपउधर, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने केन्द्रीय बस स्टैण्ड परिसर पहुंचकर हड़ताली कर्मचारियों को सम्बोधितकिया और उनकी वाजिब मांगों का समर्थन कर उनका सम्बल बढ़ाया।

उन्होंनेआरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों कोधीमी मौत मारना चाहती है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिरोही आगार की जो बसें पिछले साल रोजाना 26 हजार किलोमीटर चलती थीं, वेइस वर्ष सिर्फ 23 हजार किमी. ही चल रही हैं। आगार की वर्कशॉप में जहांसाठ कार्मिक काम करते थे, वहां आज सिर्फ सात कर्मचारी ही शेष रह गए हैं।यह कांग्रेस ने कठोर परिश्रम से खड़ी की जनता के हित की परिवहन व्यवस्था को तबाह करने की साजिश है।

भाजपा सरकार ने पीपीपी के नाम पर जयपुर केबेशकीमती रोडवेज बस स्टैण्ड को बेचने का षड्यन्त्र किया। हालांकि,कर्मचारी संगठनों और कांग्रेस के आन्दोलन ने उसे विफल कर दिया। जब सातवेंवेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार लिया गया है तो रोडवेज कर्मचारियों को उसका लाभ तुरन्त दिया जाना चाहिए। आरोप लगाया कि रोडवेज सेवानिवृतकर्मचारियों एवं सेवारत कर्मचारियों के साथ अन्य सेवाओं के कर्मचारियोंकी तुलना में सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। चक्काजाम हड़ताल कीऐतिहासिक सफलता के पीछे भी यही कारण है।

सरकार की हठधर्मिता के कारण रोडवेज को करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपामजदूर एवं कर्मचारी विरोधी पार्टी हैे। आंदोलनकारी कर्मचारियों से पूरादबाव बनाकर सरकार से अपनी मांगे मनवा लेने का आह्वान किया। कांग्रेसजिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष हेमलता शर्मा, पूर्व उप सभापति प्रकाश प्रजापति, कर्मचारी नेता बहादुरसिंह, इंटक अध्यक्षमांगीलाल विश्नोई ने भी विचार व्यक्त किए।हड़ताली कार्मिकों की यह रही स्थितिसिरोही आगार में गुरुवार को मंत्रालयिक कर्मचारियों में तेरह में से एक, परिचालकों में 66 में से 19, चालकों में 72 में से 37 चालक हड़ताल पर
रहे।

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