साहब, हमको कोई परेशानी नहीं है, हमको काम करने दो.., इकाईयां बंद हुई, तो हम सडकों पर आ जायेंगे

जागरूक टाइम्स 209 Jul 11, 2020

पिण्डवाड़ा : स्थानीय पत्थर घड़ाई श्रमिकों ने जिला कलक्टर सिरोही भगवती प्रसाद कलाल व संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त जी.वी. के समक्ष अपना दर्द बया करते हुए बताया साहब, हमको कोई परेशानी नहीं है, हमको काम करने दो.., ईकाईयां बंद हो गई, तो हम सड़को पर आ जायेगें। सैकड़ो श्रमिक पंचायत समिति कार्यालय में आकर संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त को बताया कि डीवाइन स्टोन इंटरप्राइजेज के मालिक हर्षद चावड़ा हमें और हमारे परिवारों को वर्षो से रोजी-रोटी दे रहे है। कम्पनी सिर्फ मंदिरो के निर्माण के लिए पत्थर घड़ाई का कार्य करती है। जो काई उत्पादन नहीं करती है। श्रमिक इस बात से परिचित है कि कम्पनी को मंदिर बनाने का कार्य मिलता है, तो हमें मजदुरी मिलती है। और कभी-कभी कम्पनी को ठेका नहीं मिलता है, तो हम श्रमिक अपने अधिकार के सब हिसाब ले कर मुक्त हो जाते है और दुसरी जगह कार्य करने लगते है। यह पत्थर घड़ाई में सरल एवं स्वाभाविक बात है।

जबकि कुछ श्रमिक घडाई अपने कार्य में निरन्तर लापरवाही व विलम्ब से कार्य करते आ रहे थे, इससे कम्पनी को प्रतिमाह लाखों रूपये का नुकसान हो रहा था। इसके उपरान्त भी कम्पनी नुकसान शहन कर सैकड़ो श्रमिकों को रोजगार दे रही है। जबकि वर्तमान में कई ईकाईयों में पत्थर घड़ाई की सामग्री नहीं होने के बाद भी, श्रमिकों को निकालने के बजाय श्रमिकों कर अन्यत्र भेजा है, ताकि श्रमिकों को रोजी-रोटी मिल सकें और नहीं जाने पर श्रमिकों को नियमानुसार अपना हिसाब मुक्त भी कर रहे है। जबकि तथाकथित पत्थर घड़ाई सुरक्षा संघ नाम पर श्रमिको को भ्रमित किया जा रहा है और लाभ दिलवाने की आड़ में अब तक कई सैकड़ो श्रमिकों का रोजगार छिन लिया। और संघ ने श्रमिकों के साथ छल किया है। कुछ लोग अपने स्वार्थ और द्वेष भावना के कारण श्रमिकों के साथ-साथ कम्पनी मालिक को भी परेशान किया जा रहा है। डिवाईन स्टोन कम्पनी में हजारो श्रमिक विश्वास व पूर्ण आत्था से कार्य करते आ रहे है। औ कम्पनी से श्रमिकों को सदैव रोजी-रोटी के साथ स्वास्थ्य ही हिफाजत की है। कम्पनी नियमानुसार श्रमिको को पीएफ, ईएसईसी और बोनस का सीधा लाभ दिया जा रहा है। साथ ही सिलिकोसिस जांच शिविर से लेकर मुआवजा तक दिलवाने में सहयोग कर रहे है।

श्रमिको पर बेरोजगारी की तलवार
पत्थर घड़ाई मजदुर संघ को लेकर कुछ श्रमिक कानूनी हक की बात को लेकर अपनी मांगो को लेकर अड़े है, तो दुसरी तरफ हजारों श्रमिक पत्थर घडाई संघ से अपना पल्लड़ा झाड रहे है। वही कारखाना मालिक घड़ाई सामग्री नहीं होने का हलावा देकर श्रमिको को दुसरी फैक्ट्री में काम देने का तैयार है और नहीं जाने पर उनका हक देने को तैयार है। लेकिन संघ के बैनर तले कुछ श्रमिक अपनी मांगो को लेकर अड़े हुए है, अगर आपसी वार्ता से बात नहीं बनी, तो कारखाना मालिक अपने नुकसान की वजह से वर्तमान में संचालित ईकाईयां भी बंद कर सकता है, ऐसे में शेष हजारों श्रमिक सड़को पर आज सकते है। और अगर मामला न्यायालय में गया, तो हजारों श्रमिक वर्तमान में बेरोजगार हो जायेगें तथा हक मिलेगा या नहीं यह न्यायालय तय करेंगा। और श्रमिकों को हक मिलेगा भी तो वर्षो का समय लग जायेंगा।

वार्ता के दौरान नहीं बनी बात
पत्थर घड़ाई मजदुर संघ व नियोक्ता के बीच में उपखण्ड अधिकारी हरी सिंह देवल की अध्यक्षता में आयोजित की गई, लेकिन दोनो पक्षों से अपना-अपना पक्ष रखा, लेकिन वार्ता के दौरान सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के कारण संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त ने आगामी १६ जुलाई को पुन: वार्ता के लिए बुलाया गया है।

इनका कहना है कि -
श्रमिकों और उनके परिवार को बच्चों की तरफ मैंने समझा है और सदैव उनके सुख दर्द में काम किया है, लेकिन कुछ श्रमिक संघ के मार्फत श्रमिकों को भ्रमित कर बार-बार कम्पनी व श्रमिकों को परेशान कर रहे है। इसकी वजह से सैकड़ो श्रमिकों को बेरोजगार कर चुके है। और कम्पनी श्रमिकों के काम नहीं करने पर समस्त लाभ देने को तैयार है।

हर्षद चावड़ा डीवाइन स्टोन इंटरप्राइजेज
इकाई को बंद करने से 90 दिन पूर्व सूचना और बंद करने का स्पष्ट कारण बताते हुए सरकार से अनुमति लिए जाने का प्रावधान है, लेकिन कारखाना मालिक ने कानूनी नियमानुसार न तो नोटिस दिया है और न ही कानूनी हक दिया जा रहा है। नियमानुसार हक मिलेगा, तो श्रमिक काम छोडऩे का तैयार है। ... सोहनलाल गरासिया पत्थर मजदुर घड़ाई संघ- पिण्डवाड़ा






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