जिलेभर में फैला सरकारी अस्पतालों का नेटवर्क

जागरूक टाइम्स 64 Aug 12, 2019

सिरोही। स्वास्थ्य के मोर्चे पर राज्य सरकार लोगों को स्वास्थ्य की बेहतरीन सुविधाएं मुहैया करवा रही है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सिरोही में जिला स्तरीय जनरल अस्पताल तो है ही। इसके अलावा नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) व इकत्तीस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) हैं, जिनका लाभ शहरी व ग्रामीण उठा रहे हैं। इनके अलावा भी अधिकतर गांवों में उप स्वास्थ्य केन्द्र हंै, जहां एएनएम प्रसूति समेत स्वास्थ्य से संबंधित प्राथमिक सुविधाएं मयस्सर करवा रही है। कुछ गंभीर बीमारी की स्थिति में ही लोगों को उदयपुर, जोधपुर, जयपुर या गुजरात जाना पड़ता है। दिलचस्प बात तो यह है कि सरकारी अस्पतालों में तमाम सुविधाओं व सेवाओं के साथ दवाइयां तक मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत निशुल्क मुहैया करवाई जाती हैं।

ट्रोमा सेंटर की भी सुविधा
सिरोही स्थित सामान्य चिकित्सालय में अधिकतर सुविधाएं व सेवाएं उपलब्ध है। चाहे महिलाओं से संबंधित रोग हो या बच्चों से संबंधित, चाहे एक्सीडेंट का केस हो या गंभीर बीमारी का, कमोबेश अधिकतर सेवाएं यहां उपलब्ध हैं। ट्रोमा सेंटर का भी जिलेवासियों को पूरा फायदा मिल रहा है। सीएचसी व पीएचसी से रेफर किए जाने वाले अधिकतर मामलों में यहां चिकित्सा सेवा मयस्सर हो जाती है और यदि केस अत्यधिक गंभीर प्रकृति का हो तो, जिला अस्पताल से बड़े शहरों के सरकारी या निजी अस्पतालों को मरीज को रेफर किया जाता है। 

सीएचसी में तीन-चार डाक्टर
जिले में आबूरोड, माउंट आबू, रेवदर, शिवगंज, पिंडवाड़ा, सरूपगंज, रोहिड़ा, कालन्द्री व कृष्णगंज में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। जहां उस शहर या कस्बे के साथ आसपास के कई गांवों के मरीजों को इन अस्पतालों का लाभ सुलभ हो रहा है। अधिकतर चिकित्सकीय जांच की सुविधा इन सरकारी अस्पतालों में मौजूद है और ये लगभग-लगभग नेशनल या स्टेट हाइवे पर होने से सड़क दुर्घटनाओं सरीखी घटनाओं में भी लोगों को इमरजेंसी उपचार की सुविधा मिल जाती है। अधिकतर सीएचसी में तीन-चार डाक्टरों की सेवाएं उपलब्ध रहती है।

ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा की बेहतर सुविधा
आदिवासी बहुल आबूरोड ब्लॉक के देलदर व चनार, रेवदर ब्लॉक के अनादरा, दांतराई, मंडार, बांट, भटाणा, सिरोड़ी व सनवाड़ा, शिवगंज ब्लॉक में पालड़ी (एम.), कैलाशनगर, पोसालिया, अन्दौर, आल्पा व मनादर, पिण्डवाड़ा ब्लॉक में वीरवाड़ा, झाड़ोली, नांदिया, नितौड़ा, भारजा व भूला तथा सिरोही ब्लॉक में जावाल, वराड़ा, पाड़ीव, बरलूट, तंवरी, सिलदर, वेलांगरी व मेर मांडवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होने से ग्रामीणों को बेहतर सुविधा मिल जाती है। मसलन उन्हें गांव में ही या मामूली दूरी पर ही चिकित्सा की सुविधा मयस्सर हो जाती है। शहर के मरीजों के लिए भी आबूरोड व सिरोही में अरबन पीएचसी संचालित की जा रही है।

मोर्चरी बनवाने को आगे आ सकते है जनप्रतिनिधि
जिला अस्पताल के साथ नौ में से आठ सीएचसी में मोर्चरी की सुविधा है। एक मात्र कृष्णगंज सीएचसी में मोर्चरी नहीं है। इकत्तीस पीएचसी में से ग्रामीण क्षेत्र के बीस पीएचसी में मोर्चरी की व्यवस्था है। हालांकि देलदर व कैलाशनगर की मोर्चरी जर्जर अवस्था में है। यदि जनप्रतिनिधि वहां भी आगे आएं तो मोर्चरी की सुविधा मुहैया करवा सकते हैं।

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