बाबा वीरेंद्र के माउंट आबू आश्रम से आखिर क्यों लाई गई थी सभी लड़कियां, पढ़िए...

जागरूक टाइम्स 809 Jul 6, 2018


माउंट आबू/राजसमंद। शहर के होटल राजमहल में संचालित आश्रम से बुधवार दोपहर 67 किशोरियों को छुड़ाकर आसरा विकास संस्थान के बालिका गृह में लाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आध्यात्मिक गुरुमुख स्कूल, कांकरोली की सभी किशोरियों को संबंधित बाल कल्याण समिति को सौंपी जाएगी। समिति बच्चियों के वास्तविक माता-पिता को आवश्यक कार्रवाई कर देगी। सभी बच्चियां स्कूल में आध्यात्मिक पढ़ाई कर रही थी। रजिस्ट्रेशन सहित अन्य दस्तावेज नहीं होने से संचालक से पूछताछ की जाएगी। वहीं पुलिस ने होटल की तलाशी ली, इसमें अध्ययन संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली। जबकि बच्चों को स्कूली शिक्षा देना माता-पिता और अभिभावकों का कर्तव्य है। आधुनिक स्कूली शिक्षा नहीं देने पर अभिभावकों को किया जाएगा पाबंध। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश नरेंद्रकुमार ने बताया कि आश्रम से देश के 16 राज्यों सहित नेपाल की लड़कियां हैं। इसमें नेपाल की 9, असम की 5, बिहार की 3, दिल्ली की 5, छतीसगढ़ की 2, उड़िया की 9, तमिलनाडु की 1, सिक्किम की 1, उत्तरप्रदेश की 6, पश्चिम बंगाल की 8, राजस्थान की 3, महाराष्ट्र की 4, हरियाणा की 4, मध्यप्रदेश की 5, कर्नाटक की 1 और पंजाब की 1 लड़की को आसरा विकास संस्थान के बालिका गृह में रखा गया है। इनके साथ आश्रम में नागपुर और हैदराबाद की दो संचालिका सहित अन्य स्टाफ की 74 बालिकाओं को रखा है। राजस्थान सहित 16 राज्यों और नेपाल की किशोरियों ने अब तक यहीं बताया है कि वे माता-पिता की स्वीकृति से पढ़ाई के लिए आई है। समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल ने बताया कि सूचना पर होटल में बने आश्रम पहुंचने पर टीम को बताया गया कि बच्चियों को आध्यात्मिक शिक्षा दी जा रही है। स्कूल के कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर संदेह बढ़ा और पुलिस को सूचना दी। कथित आश्रम में बच्चियों के अलावा आध्यात्मिक शिक्षिकाएं भी थी। सभी बालिकाओं को बस में बैठाकर हाउसिंग बोर्ड स्थित आसरा विकास संस्थान के पन्नाधाय बालिका गृह ले जाया गया।

इसलिए बढ़ा शक

टिन शेड से कवर किया सबकुछ, ताकि कोई न देख सके अंदर क्या चल रहा है। बताया गया कि होटल को आश्रम बनाने के लिए इसके कमरों के बाहर बनी बालकनियों को टिन शेड से कवर कर दिया गया था। होटल की छत से लेकर सभी बालकनियां पतरे लगाकर सील कर दी गई थीं, ताकि बाहर से कोई भी अंदर की गतिविधियां नहीं देख पाए। लेकिन होटल संचालक की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। होटल में किशोरियों के होने को लेकर कोई एंट्री नहीं बताई गई। आश्रम से छुड़ाई गई बालिकाएं झारखंड, असम, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, दिल्ली के अलावा नेपाल की रहने वाली हैं। ये सभी बालिकाएं आध्यत्मिक शिक्षा सहित ध्यान योग, प्राणायाम और अंग्रेजी का अध्ययन करती हैं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

न्यायाधीश नरेंद्रकुमार ने बताया कि आध्यात्मिक गुरुमुख स्कूल पहले सिरोही जिले के माउंट आबू में चलता था। सिरोही कलेक्टर ने स्कूल के दस्तावेज मांगे थे, लेकिन स्कूल संचालक ने कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाने से स्कूल को खाली करने का आदेश दिया था। इस पर बाल कल्याण समिति को स्कूल खाली कराना था लेकिन स्कूल संचालक पहले ही स्कूल खाली कर राजसमंद आ गए। हालांकि स्कूल संचालक महिलाएं बता रही है कि माउंट अाबू में बने भवन में पहाड़ों से पानी आ जाने से भवन की मरम्मत करवाई जा रही हैं। इसी कारण से राजसमंद में आध्यात्मिक आश्रम बनाकर ध्यान कर रहे थे।

छुड़ाई गई लड़कियां माउंटआबू स्थित गोमुख समिति से जुड़ी

राजसमंद के एक होटल से बरामद लड़कियां जिस गोमुख समिति के आश्रम की बताई जा रही हैं वह माउंटआबू से जुड़ा है। दिसंबर में यह आश्रम उस समय सुर्खियों में आया था जब दिल्ली में वीरेंद्रदेव दीक्षित के आश्रमों पर छापे पड़े। इसके अलावा इसका एक आश्रम आबूरोड में भी स्थित है। गौरतलब है कि दिल्ली में मामला सामने आने के बाद जिला बाल कल्याण समिति ने माउंटआबू और आबूरोड आश्रम का दौरा कर जानकारी ली थी। इसके बाद राज्य बाल कल्याण आयोग की सदस्याें ने भी यहां का निरीक्षण कर खामियां पाई और आश्रम खाली करने के लिए कहा था। अब एक बार फिर यह मामला सामने आने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।राजसमंद की जानकारी सामने आने के बाद आबूरोड व माउंटआबू पुलिस ने यहां स्थित आश्रमों को जाकर देखा। आबूरोड थानाधिकारी मीठूलाल ने बताया कि हमने आश्रम का निरीक्षण किया है, वहां अभी केवल दो कर्मचारी कार्यरत हैं।

Leave a comment