अरण्डी की फसल में लट का प्रकोप, काश्तकार खासे परेशान

जागरूक टाइम्स 182 Oct 17, 2019

- सिलदर व आसपास गांवों के किसानों की पेशानी पर पड़े चिंता के बल

- फसल तबाही की ओर आगे बढऩे से कृषि विभाग से मदद की दरकार

जागरूक टाइम्स संवाददाता

सिलदर/सिरोही। कस्बे व आसपास गांवों के कुओं पर खड़ी अरण्डी की फसल में सेमी लुपर लट पडऩे से फसल को फसल को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे काश्तकारों को पेशानी पर पड़े चिंता के बल साफ दिखाई दे रहे हैं। किसानों के मुताबिक गत जुलाई-अगस्त में बाजार से महंगे दाम पर खाद-बीज खरीदकर व महंगा डीजल फूंककर जुताई करवा कर कुओं पर अरण्डी की फसल की बुवाई की गई थी। किसानों को इसमें भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। जैसे ही अरण्डी की फसल बड़ी होने लगी, फसल में सेमी लुपर लट पडऩे लगी और यह लट पौधों की पत्तियों को पूरी तरह चट कर फसल को तबाह करने लगी। यह सिलसिला अभी भी जारी होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और चिंतित किसानों की पेशानी पर पड़े बल साफ दिखाई दे रहे हैं।

पिछले साल अकाल की मार से कृषि कुओं में पानी का जलस्तर नीचे जाने से खेतों में खड़ी फसल सिंचाई के अभाव में सूख गई थी और इस साल सेमीलुपर लट पडऩे से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों ने बैंक से लिया कर्जा भी चुुकाना मुश्किल हो गया है। किसान भैरूसिंह राजपुरोहित ने बताया कि अरण्डी में लट पडऩे से खड़ी फसल को नुकसान हुआ है। कभी पानी की कमी तो कभी फसल में रोग लगने से काश्तकारों को अपनी मेहनत का फल नहींं मिल पाता। साथ ही बैकों से लिया हुआ कर्जा भी चुकाना मुश्किल हो जाता है। जिससे क्षेत्र का किसान चिंतित है। वहीं अरण्डी की फसल में सेमीलुपर लट पडऩे से पत्तियों को खाकर फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

बड़ी फसल में फिर से फुटान हो जाती है, लेकिन छोटी फसल तबाह हो जाती है। जिससे बाजार से महंगे भाव से बीज खरीद कर दुबारा बुवाई करनी पड़ती है। इसमें किसानों की मेहनत तो व्यर्थ जाती ही है, साथ में भारी भरकम आर्थिक नुकसान भी झेलने को मजबूर हो जाना पड़ता है। पहले किसानों को कृषि विभाग की ओर से किसानों को अनुदान पर दवाई उपलब्ध करवाई जाती थी, पर इस वर्ष नहीं मिल रही है। जिससे किसानों को बाजार से पूरे दाम खर्च कर लानी पड़ रही है, जिससे किसानों को और अधिक आर्थिक नुकसान झेलने को विवश होना पड़ रहा है।

इन्होंने बताया ... अब लट स्वत: ही मर जाएगी
सिलदर की तरफ अरण्डी की फसल में लट पडऩे की बात पहली बार मेरे ध्यान में लाई गई है, पर अब सर्दी का सीजन शुरू होने लगा है तो यह कीड़ा स्वत: ही खत्म हो जाएगा। विभाग कीटनाशक दवाइयां जरूर मुहैया करवाता है, पर कीट का प्रकोप अत्यधिक बढऩे पर इसके लिए सम्भाग स्तर पर बनी कमेटी निर्णय करती है तब दवाइयां मुहैया करवाई जाती है।  - जीएल कुमावत, कृषि उप निदेशक, सिरोही







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