दलित अत्याचार के खिलाफ भाजपा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

जागरूक टाइम्स 270 Aug 23, 2019

जागरूक टाइम्स संवाददाता

सिरोही। राजस्थान प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था महिलाओं दलितों पर हो रहे अत्याचार को लेकर शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम का ज्ञापन जिला कलक्टर को ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में बताया कि जनवरी 2019 से अगस्त 2019 तक पिछले 8 महीनों में घटित विभिन्न श्रेणियों के अपराधों की ओर आकृष्ट करना चाहता है ऐसा लगता है प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो गया है। अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, आमजन में भय व्याप्त है एक श्रृंखला बंद एवं सुनियोजित तरीके से अपराधों में निरंतर वृद्धि हो रही है।

कानून व्यवस्था के नाम पर प्रदेश में घोर अराजकता की स्थिति है यह प्रतिनिधिमंडल आपका ध्यान प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के साथ हुए अत्याचारों की ओर आकृष्ट कराना चाहता है कि अपराध के निरंतर बढ़ते आंकड़ों में सर्वाधिक अपराधों एवं उत्पीडऩ का शिकार अनुसूचित जाति वर्ग हुआ है। जहां एक और मौजूदा राज्य सरकार के गठन के बाद दिसंबर 2018 के बाद राज्य में अनुसूचित जाति के प्रति अपराधों का ग्राफ तेजी से बड़ा है और जून 2019 तक अनुसूचित जाति के लगभग 3121 मामले संगीन अपराधों के दर्ज हुए हैं। अनुसूचित जाति के लोग सर्वाधिक अपराधों के शिकार हुए हैं 15 दिसंबर 2018 को अलवर में दलित दूल्हे को घोड़ी से उतारने और बारातियों से मारपीट से प्रारंभ हुई घटनाएं मई 2019 में थानागाजी गैगरेप जिसकी गूंज शर्मनाक तरीके से पूरे भारत मे हुई और राजस्थान को शर्मशार होना पड़ा। 16 जुलाई 2019 को अलवर में टपूकड़ा क्षेत्र में एक दलित युवक हरीश जाटव की उमरशेद ठेकेदार व उसके साथियों ने हत्या कर दी। स्थानीय पुलिस ने इस प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं की।

1 माह तक अपराधी खुलेआम घूमते रहे। अपराधियों ने मृतक हरीश जाटव के पिता रतिराम जाटव को मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। स्थानीय पुलिस ने पीडीत परिवार को कोई संरक्षण व सुरक्षा प्रदान नहीं की। मृतक हरीश जाटव के पिता रतिराम जाटव ने पुलिस व अपराधियों के आतंक से त्रस्त होकर स्वतंत्रा दिवस के दिन 15 अगस्त को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दोनों प्रकरणों में अभी तक पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की है। दुष्कर्म, हत्या, लूटपाट, बारात पर हमला अपहरण जैसे लगभग सैकड़ों मामले सामने आए है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक जून माह 2019 तक लगभग 3121 मामले प्रकाश में आए हैं जिनमें 36 हत्याएं, 9 गभीर चोटे, 274 बलात्कार, 7 गभीर क्षति 2735 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गतअन्य मामले अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एक्ट के 60 मामले सामने आए हैं। जून 2019 तक कुल 3121 मामलों में 1490 मामलों में अनुसंधान पेंडिंग है। अर्थात 47.74 प्रतिशत लंबित होना तथा यह अत्यंत शर्मनाक है कि अनुसूचित जाति की महिलाओं के प्रति जून 2019 तक बलात्कार की 274 घटनाएं हुई जिनमें अभी 133 घटनाएं, 48.54प्रतिशत लंबित है और अपराधियों का कानून की पकड़ से बाहर होना राज्य सरकार की नाकामी एवं अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता का उदाहरण है । प्रदेश में अनुसूचित वर्ग पर अपराधिक मामले सरकार की अकर्मण्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण है घटनाओं का संपूर्ण ब्योरा इस ज्ञापन के साथ सलग्न है।

प्रतिनिधि मंडल ने रखी मांग
राज्य पाल के नाम जिला कलक्टर को सौपे गए ज्ञापन में यह मांगे रखी गई जिसमें ऐसी घटनाओं की फास्ट ट्रैक में तत्काल निरंतर सुनवाई कर 3 माह में निस्तारण करे। थानागाजी जैसी लोमहर्षक घटनाओ में क्षतिपूर्ती के मापदंड तय किये गए उसी अनुरूप शेष घटनाओं को भी समान रूप से पीडि़तों को सरकारी नोकरी, क्षतिपूर्ती तत्काल दी जाए।

धरना प्रदर्शन को किया संबोधित
जिला मीडिया प्रभारी चिराग रावल ने बताया कि धरना प्रदर्शन में सिरोही जिला संगठन प्रभारी जालम सिंह रावलोत, पूर्व राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया, रेवदर विधायक जगसीराम कोली, पिंडवाड़ा विधायक समाराम गरासिया, पूर्व जिला अध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी कमलेश दवे आदि ने संबोधित किया।

यह रहे धरना प्रदर्शन में मोजुद
इस अवसर पर सिरोही जिला उप प्रमुख काना राम चौधरी, सिरोही प्रधान प्रज्ञा कुंवर, रेवदर प्रधान पुंजा लाल मेघवाल, सिरोही सभापति धनपत सिंह, आबूरोड चेयरमैन सुरेश सिंदल, माउण्ट आबू चैयरमैन सुरेश थिंगर, जिला महामंत्री कालू राम जणवा, दिनेश बिंदल, जिला उपाध्यक्ष हिम्मत राजपुरोहित, दुर्गा राम गरासिया, भवानी सिंह, मीडिया संपर्क प्रमुख हरीश दवे, जिला मंत्री चम्पत मेवाडा, हेमलता पुरोहित,जय सिंह राव, धना राम मिनाएनारायण सिंह, मांगीलाल रावल, योगेंद्र गोयल, मोर्चा जिलाध्यक्ष हेमंत राजपुरोहित, गणपत सिंह राठौर, रक्षा भंडारी, मगन मीणा, प्रकाश मेघवाल, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र गोयल, छगन घाची, अशोक रावल, प्रकाश भाटी, नरपत सिंह राणावत, भेराराम माली, हीराराम चौधरी, कालूराम चौधरी, डायालाल दवे, नैंनसिंह राजपुरोहित, महिपालसिंह चारण, पुखराज कुमावत, गणपतसिंह देवड़ा, शांतिलाल रावल, मांगूसिंह बावली, नारायण देवासी, वीरेंद्रसिंह चौहान, प्रकाश पटेल, कपूरा राम पटेल, दीपाराम पुरोहित, अनिल सगरवंसी, हरजीराम चौधरी, जीतू खत्री, रणछोड़ प्रजापत, प्रवीण राठौड़, इमरान खान,राहुल रावल, मनीष राजपुरोहित, दीपेंद्रसिंह पीठपुरा, गणपतसिंह, दमयंती डाबी, महालक्ष्मी झां, दर्शना देसाई, मनीदेवी, मीना खंडेलवाल, राखी, सुमित्रा, तारा प्रजापत, सहित कही कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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