आबूरोड : आदिवासी मनाएंगे डूसकी पर्व

जागरूक टाइम्स 172 Jan 7, 2019

आबूरोड। आदिवासी गरासिया व गमेती भील जनजाति में पौष मास एकम व शुक्ल पक्ष की दूज को डूसकी पर्व मनाया जाता है। सोमवार व मंगलवार को जनजाति के क्षेत्रों में डूसकी को पकड़ कर उत्साह, उमंग मस्ती के अंदाज में मनाया जाता है। आने वाले वर्ष का काल व सुकाल का शगुन देखा जाता है।

क्या है डूसकी
डूसकी भाखर क्षेत्र में पाई जाने वाली छोटी काले रंग की कम ऊंचाई पर उडऩे वाला पक्षी है। जिसे देव श्री भी कहते हैं। इस पर्व के उपलक्ष में आदिवासियों द्वारा अल सुबह दौडक़र सुरक्षित पकड़ कर पूजा-अर्चना की जाती है। फिर घर-घर टोलियां जाती है। दूध दही व नए अनाज का प्रसाद वितरित किया जाता है।

सायंकाल देखा जाता भविष्य
शाम को इस चिडय़िा को उड़ाया जाता है। यदि डसूकी हरे भरे पेड़-पौधों पर बैठ जाए, तो आगामी वर्ष सुकाल व चट्टानों, पथरीली जगह पर बैठ जाए तो अकाल पडऩे की मान्यता है।




Leave a comment