सत्संग में बिना फेरे 17 मिनट में गुरुवाणी से हो गई अनोखी शादी

जागरूक टाइम्स 533 Dec 10, 2019

जागरूक टाइम्स संवाददाता

फालना। शहर के माली समाज भवन में मात्र 17 मिनट में तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज के सत्संग प्रवचनों में गुरुवाणी (रमेणी) द्वारा अनोखी शादी संपन्न हुई। महाराज ने देश व समाज में फैली बुराइयों नशा, दहेज प्रथा, हिंसा, रिश्वतखोरी आदि को दूर कर एक सभ्य नागरिक बनने और स्वच्छ समाज का निर्माण करने पर आध्यात्मिक सत्संग किया और बताया कि शादी के नाम पर फिजूलखर्ची न कर समाज में व्याप्त दहेज प्रथा को खत्म कर बिना किसी तैयारी के साधारण तरीके से विवाह करें।

इस सत्संग में इस शादी में दुल्हन के हाथों में न कोई मेहंदी लगाई और न ही दुल्हे ने कोई विशेष तैयारी की। दोनों परिवारों द्वारा शादी के कार्ड भी नहीं छपवाए और न ही दुल्हन के परिवार से कोई मिठाई मंगवाई। शादी में न बैंड बाजा था, न दुल्हन को ले जाने के लिए कोई सजी हुई गाड़ी आई। मात्र 17 मिनट में अपने गुरू के सामने गुरुवाणी करके विवाह बंधन में बंध गए। जिला कोर्डिनेटर सोहन पंवार ने बताया कि इस तरह की अब तक 15 शादियां बिना फिजूलखर्ची और दिखावे के सत्संग में हो चुकी है।

वर-वधु पक्ष का एक भी रुपया खर्च नहीं किया जाता है और दहेज मुक्त शादी करते हैं। इस शादी में ना कोई बारात, ना घोड़ी, ना बैंड बाजा, ना कोई रीति रिवाज और ना कोई दिखावा था। आने वाले मेहमानों के लिए केवल चाय व बिस्किट की व्यवस्था की गई। इस अनोखे सत्संग व विवाह कार्यक्रम में तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज के अनुयायी फालना निवासी झूमी देवी की पुत्री रजंना की शादी सादड़ी के गमनाराम के पुत्र भरतकुमार के साथ हुई। दुल्हन व दुल्हा साधारण कपड़ों में बिना किसी सेहरे व फेरे के एक हो गए।

संत रामपाल महाराज के आध्यात्मिक सत्संग प्रवचनों से प्रभावित होकर हजारों लोग इस तरह की शादियां कर फिजूलखर्ची पर लगाम लगा चुके हैं और सभी तरह की सामाजिक कुरीतियों जैसे मृत्यु भोज, नशाखोरी, रिश्वतखोरी, भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, जाति प्रथा आदि से दूर हो चुके हैं। ऐसे विवाह के माध्यम से देश में फैली दहेज रूपी बुराई को जड़ से खत्म करने तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के नारे को आज वास्तव में चरितार्थ किया गया है। संत रामपाल महाराज ने सत्संग में बताया कि जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा। इस अनोखे सत्संग व शादी में व्यवस्था के लिए घीसूराम, निकेश, लक्ष्मण, अंकित, महेन्द्र, सोहन तथा अन्य भगत उपस्थित थे। सत्संग से प्रभावित होकर कई लोगों ने नशा छोडऩे तथा बुराइयों को त्यागने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में नगर के कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए।



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