आखिर रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित मिले पैंथर के तीन शावक

जागरूक टाइम्स 307 Jan 7, 2019

बांकली / सुमेरपुर : जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन क्षेत्र के सेणा गांव के समीप पहाड़ियों में मादा पैंथर से बिछड़े तीनो शावक वन विभाग की 4 दिन की रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार सुरक्षित हालात मे मिलने के बाद ही विभाग ने राहत की सांस ली ।खोजबीन में मिले डेढ़ माह के दो मादा व एक नर शावक को चिकित्सकों की देखभाल में एनआईपी सेंटर में रखा गया है ।

वही जागरूक टाइम्स को प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 दिसंबर को जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन क्षेत्र के सेणा गांव के समीप पहाड़ी में दो शावको के देखने की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को मिली थी। इसके बाद वाइल्ड लाइफ के रेंजर नरेंद्र विश्नोई, बेडा चौकी वनपाल नारायणसिंह देवड़ा, नाका इंचार्ज विक्रमसिंह, मनोहरसिंह, सादड़ी वन चौकी के प्रकाश मीणा, देसूरी वन चौकी के भेराराम विश्नोई, दिनेश मीणा वन्य प्रेमी अजयपालसिंह के अलावा वन चौकी बाली से कार्मिक व अधिकारी मौके पर पहुंचे थे । रैंजर नरेंद्र विश्नोई ने मामले की जानकारी वन विभाग के अलावा जवाई लेपर्ड के उच्च अधिकारियों को देकर टीम का गठन कर 30 दिसंबर को दोपहर 1:00 बजे शुरू रेस्कयु ऑपरेशन शुरू किया था, ऑपरेशन के दौराान शुक्रवार रात 8:30 बजे दो मादा व एक नर शावक सेणा गांव की पहाड़ियों मे थोर की झाड़ी में छिपेे नजर आए ।

जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन सुमेरपुर के रेंजर नरेंद्र विश्नोई ने बताया कि अभी पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद तीनों शावको को सैणा पहाड़ियों पर पिंजरे में रखा जाएगा, जिन्हे 3 दिन तक मादा पैंथर का इंतजार किया जाएगा । इस दौरान 24 घंटे तक विभिन्न वन चौकियों से बुलाए गए कार्मिकों व अधिकारियों की पुरी निगरानी रहेगी और पिंजरे के चारों और कैमरे लगाए जाएंगे । शावको की कृत्रिम विशेष ध्वनी के माध्यम से मादा पैंथर को पास बुलाया जाएगा । इसके बावजूद नहीं आने पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जोधपुर अथवा जंतुआलय में भेजा जाएगा ।

प्रति 4 घंटे बाद तीनों शावको को विशेष दुध का करवाया जा रहा शेवन
डेढ़ माह के दो मादा व एक नर शावक को शुक्रवार देर रात जवाई बांध स्थित नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर लाया गया । जोधपुर जंतुआलय से पहुंचे डॉ श्रवणसिंह राठौड़ ने 3 शावको के स्वास्थ्य की देखभाल कर बताया कि प्रति 4 घंटे बाद तीनों शावको को जोधपुर से मंगाया गया विशेष प्रकार का दूध व मिनरल वाटर दिया जा रहा है । चार-पांच दिन से अपनी मां से दूर रहने के कारण कमजोर लग रहे हैं। इंफेक्शन का भी खतरा रहता है इस कारण सुरक्षित रखा गया है ।

सुरक्षित शावक मिलने पर उच्च अधिकारी पहुंचे मौके पर
सैणा गांव की पहाड़ियों पर स्थित थोर की झाड़ियों के आसपास कैमरा ट्रैप लगाए गए । जहां पर 24 घंटे शावको पर कड़ी नजर रखी गई । तीन शावक सुरक्षित मिलने की जानकारी मिलने पर शनिवार सुबह उदयपुर से मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर, सिरोही डीएफओ संग्राम सिंह कटियार, सादड़ी एसीएफ यादवेंद्र सिंह चुंडावत के अलावा जोधपुर जंतुआलय से डॉक्टर श्रवणसिंह राठौड़ वन्य प्रेमी डॉ दिलीप अरोड़ा भी मौके पर पहुंचे और मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने तीन शावक सुरक्षित मिलने पर संतोष जताते हुए रेस्क्यू टीम को बधाई देकर दल के सदस्यों का बहुमत भी किया ।

क्या कहना अधिकारीयो का
जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन के सैणा गांव के पास तीन शावक थोर की झाड़ियों में सुरक्षित मिलने की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे । जहां पर उच्च अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई । जोधपुर से आए चिकित्सकों की निगरानी में एनआईपी सेंटर जवाई बांध में रखे हैं । चार दिनों तक 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में कार्मिकों को अधिकारियों की सजगता से सफलता भी मिली । शावको के लिए जोधपुर से विशेष दूध व मिनरल वाटर दिया जा रहा है । इसका 3 दिन तक मादा पैंथर का इंतजार भी करेंगे, उसके बाद अगर मापैंथर नही आती है तो उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार जोधपुर अथवा अन्य किसी जगह पर भेजने की कार्रवाई की जाएगी । ... राहुल भटनागर मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव उदयपुर



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