पाली जिले के कागड़दा गांव के अधिकतर घरों में नाच रही है मौत

जागरूक टाइम्स 351 Sep 10, 2020

पाली. जिले के बाली उपखंड के कागड़दा गांव के हर घर में दर्द है. इस गांव के हर घर में कोई न कोई जीवन की अंतिम सांसें गिन रहा है. किसी के घर में बूढ़ी मां अपने 3 जवान बेटों को पल-पल तड़पता देख रही है तो कहीं मासूम बच्चे रोटी के लिये किसी के रहमों करम की उम्मीद लगाये बैठे हैं. इस गांव में कई महिलायें ऐसी भी हैं जो 20 साल की उम्र भी पार नहीं कर पाई है और विधवा हो गयी. गांव में 100 से ज्यादा ऐसे युवक हैं जो हर पल अपनी अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं. इसकी वजह है सिलकोसिस की बीमारी. इस बीमारी ने कागड़दा गांव को पूरी तरह से जकड़ लिया है. इस बीमारी से गांव में अब करीब 70 से 80 लोगों की मौत हो चुकी है.

दरअसल इस गांव के युवाओं ने अपना पेट पालने के लिए पत्थर कटाई का काम पकड़ा था. इस काम से उनके घर में पैसा भी आने लगा और चूल्हा भी जलने लगा. लेकिन इसके साथ ही उनके घरों में सिलकोसिस बीमारी ने भी डेरा डाल दिया. गांव के युवाओं द्वारा बच्चों का पेट भरने के लिये अपनाया गया यह रास्ता उन्हें मौत के रास्ते की ओर ले गया. सिलिकोसिस बीमारी ने इन युवाओं को ऐसा डसा है कि गांव में वीरानी छा गई है. इस बीमारी की वजह से पिछले कई बरसों से यह गांव इस बीमारी से उबर नहीं पा रहा है. गांव का हर घर दर्द से तड़प रहा है.


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