सांसद पटेल मिले PM मोदी से जालोर-सिरोही में विभिन्न विकास कार्यो करवाने की रखी मांग

जागरूक टाइम्स 81 May 24, 2018
सुमेरपुर। बेटी को जन्म देने की सजा के लिए विवाहिता को पहले घर से निकाला। इस पर मुकदमा किया तो तीन तलाक की तर्ज पर तलाक की सूचना भेज दी। यह कोई फि़ल्मी कहानी नहीं है। यह घटना है आदिवासी बाहुल्य सुमेरपुर-बाली उपखंड के नाना थाने की देवासी जाती की एक विवाहित महिला से जुड़ी है। विवाहिता ने अब राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाकर आरोप लगाया कि उसके पेट में पल रहे बच्चे को किसी ने बच्ची बता देने से उसके पति द्वारा बेटी को जन्म ना देने की जिद के चलते महिला रेखा ने गर्भ में पल रहे शिशु को गिराने की सहमति नहीं दी तो पति ने उसे अपने घर से बहार निकाल दिया। महिला आयोग के बाद परिजन नाना थाने पहुंचे और पति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाया। इस पर महिला के पति ने अब तलाक का फरमान भेज दिया। पीडि़त महिला को न्याय की उम्मीद है अब पुलिस से मात्र है। जानकारी के मुताबित नाना थानाधिकारी दाऊद खान ने बताया कि रेखा देवासी पुत्री पुनाराम देवासी हाल निवासी नाना का विवाह अचलाराम पुत्र सवाजी देवासी निवासी सादड़ी से हुआ था। रेखा ने पति के विरुद्ध रिपोर्ट में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति सहित परिवार के लोग उसे प्रताडि़त कर रहे थे। फिर भी में लोकलाज से सहन करती रही। उसके बाद मेरे पेट में पांच माह का गर्भ पल रहा था। तब मुंबई के निजी हॉस्पीटल में पेट में बेटी होने की सूचना पर ससुराल वाले उसका गर्भपात करवाना चाहते थे। मना करने पर परिजन मुझे पीहर लेकर आए, जहां उसने बेटी को जन्म दिया। उसके बाद भी निरंतर यह हमें और परिजनों को धमकियां देना जारी रखा। तब न्याय के लिए महिला आयोग को लिखा ! जहा आयोग ने पाली में भी बयान दर्ज किये। और नाना थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही तो परिजनों ने नाना थाने में मुकदमा दर्ज करवाया! अब पुलिस मामले की जाच कर रही है। पीडि़ता रेखा और परिजनो से केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी दूरभाष पर बात कर हिम्मत ना हारने का सम्बल भी दिया।मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस इस मामले की जाच तेज कर दी है और महिला के पति से संपर्क करने के प्रयास में लगी हुई है।

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