पहले रात में होता था अवैध खनन, अब दिन में जेसीबी मशीन से हो रहा है अवैध खनन

जागरूक टाइम्स 424 Nov 23, 2019

- मगाई-सुकड़ी नदी पर मंडराया संकट

- अवैध खनन में सिर-सिर हो रहा है। नदियों का दामन

सादडी। बारिश के जल को सहेज कर अपने निर्मल अमृत के साथ कलकल कर बहने वाली जीवनदायिनी मगाई व सुकड़ी नदी अस्तित्व को सुरक्षित बचाये रखने पर संकट मंडराया हुआ है। क्षेत्र में इन दिनों सक्रिय अपने स्वार्थों से घिरे अवैध खनन माफिया बुलडोजर से नदियां पाटकर अमृत जीवनदायिनी के दामन को चीर-चीर करने पर आमदा है।

कोर्ट व सरकार ने भले ही बजरी खनन पर प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया प्रतिबंध आदेशो की धज्जियां उड़ाते हुए धड़ल्ले से बेख़ौफ़ बजरी का अवैध खनन कर रहे है। खनन से जुड़े सक्रिय लोग बजरी खनन पर प्रतिबंध का हवाला देकर आमजन उपभोक्ता से बजरी की सप्लाई की मोटी रकम वसूल कर चांदी काट रहे है। वही राजस्व प्रशासन व खनन विभाग सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए है। इतना ही नही सक्रिय खनन माफियाओं ने राणकपुर व नलवानीया बांध से निकलने वाली सहायक मगाई नदी व माण्डीगढ़ राजपुरा बांध से निकलने वाली सुकड़ी नदी को बुलडोजर से खुदाई करवाकर गहरी-गहरी खाइयो में पाट कर जीवनदायिनी के दामन को चीर-चीर कर दिया है।

अगर यह हालात ज्यादा दिन तक ऐसे ही रहे तो नदियों का अस्तित्व बचाएं रखना मुश्किल हो जाएगा इसके लिए सभी जिम्मेदार होंगे। क्षेत्र में करीब 50-70 टेक्ट्रर मालिको व खनन माफिया की विभाग के अधिकारियों से जोरदार सेटिंग है। इस कारण रोक के बावजूद भी धडल्ले से बजरी परिवहन की जा रही है। हालांकि प्रशासन, राजस्व विभाग व खनिज विभाग की इन माफियाओं के खिलाफ पिछली कायर्वाही का आंकड़ा देखे तो वह ना के बराबर महज औपचारिक खाना पूर्ति वाला न्यूनतम स्तर का होगा।



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