कौन कहता है इंसानियत मर गई आज भी जिंदा है इंसानियत

जागरूक टाइम्स 94 May 25, 2019

तीन दिन से गहरे दलदल में फसी तड़फती गाय को रेस्क्यू कर बाहर निकाला


देसूरी। कौन कहता है कि इंसानियत मर गई है इंसानियत आज भी जिंदा है यह कहावत चरितार्थ को सच कर दिखाई है समाजसेवी विक्रमसिंह गहलोत ने।कस्बे के सज्जनगढ़ फार्म हाउस के निकट फूटा तालाब के गहरे दलदल में पिछले तीन दिन से एक गाय भीषण गर्मी में प्यास बुझाने गई थी जो गहरे दलदल में प्यास बुझाने के दौरान फस गई फूटा तालाब में हर वर्ष पानी भरा रहता था मगर इस वर्ष भीषण गर्मी के चलते फूटा तालाब भी सुख गया।

फूटा तालाब में पानी की आस में प्यास बुझाने गई गाय गहरे दलदल में फस गई जो तीन दिन से तड़फ रही थी फूटा तालाब गांव से चार किलोमीटर दूर पहाड़ियों में मौजूद है।देसूरी पंचायत समिति में कार्यरत ब्लॉक कोर्डिनेटर स्वच्छ भारत मिशन के विक्रमसिंह गहलोत को किसी ने सूचना दी कि फूटा तालाब में गहरे दलदल में एक गाय फसी पड़ी तड़फ रही है इस पर विक्रमसिंह गहलोत ने तुरंत जाकर मौका देखा।जिससे उन्हें लगा कि अकेले से यह गाय बाहर नही निकाल पाएंगे।

उन्होंने तुरंत चार पाच लोगो को मदद के लिए बुलाया साथ ही गहरे दलदल से गाय को बाहर निकालने के लिए ट्रेक्टर सहित रस्सा मंगवाया इस दौरान तपती धूप में विक्रमसिंह गहलोत सहित मदद को आए लोगो ने गाय को बाहर निकालने का रेस्क्यू किया।रेस्क्यू के दौरान भारी तकलीफों का सामना करना पड़ा।मगर मेहनत रंग लाई और गहरे दलदल में फसी गाय को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया।साथ ही गाय को मेडिकल उपचार भी करवाया गया।



Leave a comment