हाथ से कटी हुई खून की नली का सफल आपरेशन

जागरूक टाइम्स 231 Jul 18, 2019

जोधपुर संभाग में मारवाड़ में पहला आपरेशन

पांच धंटे तक आपरेशन चलाएमरीज अब कुशल

सुमेरपुर । शहर के एक निजी अस्पताल में एक गंभीर बीमार को उपचार कर राहत दिलवाने में चिकित्सको को भी दिल से सकून मिला हे । इस जटिल ऑपरेशन में इस मरीज के एक कोनी के भाग से नीचे के हाथ से कटी हुई खून की नली रिपेयर की गई है । यह ऑपरेशन जोधपुर के अलावा मारवाड़ के किसी भी संभाग में आज तक नहीं हुआ है । यहा के आपरेशन महादेव ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल सुमेरपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है । अस्पताल के प्रमुख चिकित्सक डॉण् रमेश पटेल ने गुरुवार को मीडियाकर्मियों से वार्ता कर बताया की ऑपरेशन की खास विशेषता यह है कि जब मरीज अशोक कुमार पुत्र रामलाल घांची निवासी घान्चियो का वास पिल्कोनी नाढ़ी सुमेरपुर यहां पर आया तो यह उसकी इमरजेंसी सर्जरी थी । जिसके लिए आवश्यकता अनुसार बेहोशी देने वाले डॉक्टर की तलाश की गई । परंतु कोई डॉक्टर उस समय रात्रि को 12 बजे बेहोशी देने को तैयार नहीं हुए । इस पर मरीज और उसके परिजनों को समझाया गया कि यह इमरजेंसी में करने वाला ऑपरेशन है ।

फिर भी वह लोग जोधपुर जाना नहीं चाहते थे तथा डीसा पालनपुर और मेहसाणा के प्लास्टिक सर्जनों का व्यय उसे गवारा नहीं था और उसके साथ जाने को कोई संबंधी भी तैयार नहीं था । आखिर में उन्होंने 5 घंटा यहीं रुक के दूसरे दिन सुबह ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और जो भी तकलीफ हो वह खुद की जवाबदारी से सहन करने को तैयार हुए । सबसे पहले बेहोशी के डॉक्टर सुबह 5 बजे आने को तैयार हुए । तब तक मरीज का हाथ काफी फूल गया और नली में क्लॉट भर जाने से ऑपरेशन काफी कॉम्प्लिकेटेड हो गया ।

फिर भी अस्पताल के प्रमुख डॉ पटेल ने अपनी टीम के साथ 5 घंटा मेहनत करके आखिर में उसकी कटी खून की नली जोड़ दी । वह नली अब सामान्य तरीके से काम कर रही है । खून की नली को जोड़ने का काम जोधपुर को छोड़कर मारवाड़ के किसी भी संभाग में आज तक नहीं हुआ है । गोरतलब हे की डॉ रमेश पटेल खून की नालियां जोड़ने के अलावा कुछ बीमारियों का स्पेशल इलाज जानते हैं । जिसमे घुटने घिस जाएं तो उसमें अन्य ऑर्थोपेडिक सर्जन की सलाह मात्र बदलने रिप्लेश्मेंट की रहती है जो पूरी मूवमेंट नहीं देता तथा मात्र 15 साल चलने के साथ महंगा होता हे ।

इसमें यह एक जापानीस ऑपरेशन करते हैं जिससे वह रिपेयर हो जाता है जो जिंदगी भर चलता है तथा आदमी के घुटने की मूवमेंट एकदम नॉर्मल रहती है कभी युवावस्था में ही कूल्हे के भाग की हड्डी के सिरका खून का सप्लाई बंद हो जाता है ।जिस में भी सामान्यता डॉक्टर की सलाह रिप्लेसमेंट मतलब की गोला बदलने की रहती हैए इसमें भी डॉ रमेश गोले को खून की नली देके रिपेयर करते हैं । बदला हुआ गोला 15 साल ही चलता है । जबकि रिपेयर किया हुआ जोड़ आजीवन साथ देते हैं ।

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