राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष बेनीवाल पहुंची पाली

जागरूक टाइम्स 154 Jan 13, 2020

केजीबी का आकस्मिक निरिक्षण करने पर आई कई खामियां सामने

संस्था प्रधान के रवैये को सुधारने एवं जांच के दिए निर्देश

पाली। जिला मुख्यालय पर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पिछले कुछ समय से सुर्खियों में होने के बाद सोमवार को अचानक राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल पाली पहुंची। जहां बेनीवाल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरिक्षण किया, निरिक्षण के दौरान लम्बे समय से आ रही शिकायतों को देख और अव्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को निर्देश देते हुए तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए। अध्यक्ष संगीता बेनीवाल के अचानक विद्यालय में आने के बाद शिक्षा के जुडे अधिकारी भी एक के बाद एक पहुंचने लगे। जिस विद्यालय में सिर्फ शिकायत आने के बाद ही एडीपीसी, सीबीईओ पहुंचते थे, वहां सब एक साथ ईक्टठा दिखाई दिए।

बंद कमरे में बच्चियों से कि वार्ता
आयोग अध्यक्ष बेनीवाल ने आवासीय विद्यालय में आकर बालिकाओं से मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं से उनके पोषाहार और मारपीट के बारे में भी सवाल-जवाब किए तो बालिकाओं ने एक बार सभी अधिकारियों को मौका स्थल पर देख घबरा गई, जिसकों देख बेनीवाल ने बंद कमरे में प्रत्येक बालिका से रूबरू होकर उनको यहां मिलने वाली विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली, जिसमें कुछ बालिकाओं ने संस्था प्रधान एवं वार्डन मीना शर्मा द्वारा उन्हें प्रताडीत कर मारपीट करने की भी बात कहीं।

बच्चियों को नही सुविधाओं की जानकारी
उन्होंने उनके हेल्पलाईन नम्बर के बारे में जानकारी ली, लेकिन बच्चियों को स्कूल में इसके बारे में जानकारी नही दी जा रही थी, जिस पर बेनीवाल ने नाराजगी व्यक्त की। वहीं एक कक्षा कक्ष मे बालिकाओं को सारे सामान व पलंग पड़े होने के बारे में पुछा तो संस्था प्रधान इस बारे में कोई जवाब नही दे पाई।

स्टाफ ने भी की शिकायत संस्था प्रधान की
आयोग अध्यक्ष बेनीवाल को यहां की अव्यवस्था देखकर तुरंत रूप से सभी स्टाफ व सीबीईओ रूघाराम मीणा की मौजूदगी में बैठक ली, जिसमें उन्होंने कहां की मुख्यालय पर इस केजीबी में कई शिकायते आ चुकी है। बच्चियों के साथ कुछ समय हुई मारपीट के बारे में पूछा गया तो संस्था प्रधान ने कहां की इस तरह का कोई घटना क्रम नही है यहां पर, जब अन्य स्टाफ से पूछा गया तो स्टाफ ने कहां की बच्चियों के साथ मारपीट हुई थी और उनके खाने में ईल्लियां तक पहुंच गई थी, जिसकी शिकायत सीबीईओं को की गई थी, जिसकों देखते हुए सीबीईओ ने भी कहां की इस मामले की शिकायत पर मैने जांच भी की है।

स्टाफ को शिकायत करना पड़ा महंगा
 इस दौरान उन्होंने संस्था प्रधान को कहां की आप अपने रवैये को सुधार दे या स्वयं यहां से रवानगी ले ले, क्योंकि इस तरह से बच्चियों से व्यवहार कतई बरदाशत नही किया जाएगा। कुछ शिक्षिकाओं ने बेनीवाल को यह भी शिकायत की जब उन्होंने बच्चों के पोषाहार को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया तो अब उनके ही चाय बंद कर दी है, जबकी बाहर से आए लोगों को व संस्था प्रधान मीना शर्मा स्वयं चाय पी कर हमारे साथ भेदभाव कर रही है। अध्यक्ष बेनीवाल ने इन सभी शिकायतों को देखते हुए तुरंत रूप से आदेश पंजीका मंगाकर उसमें लिख दिया की बच्चियो के साथ मारपीट जैसी घटना हुई है और स्टाफ भी आपस में तालमेल बनाकर रखे। इस दौरान उन्होंने संस्था प्रधान को यह भी कहां की आप यहां नही रहना चाहते हो तो जा सकते हो।उन्होंने सीबीईओं रूघाराम मीणा को भी निर्देशित करते हुए कहां की वार्डन व संस्था प्रधान मीना शर्मा नही रहना चाहती तो उसे रिलीव कर दे।

पूर्व में लगी रसोईयों को हटाने के बारे में नही दे पाई जवाब
इस दौरान उन्होंने पूर्व में लगी 12 साल से लगी रसोईयों को हटाने के बारे में पुछा तो संस्था प्रधान ने कहां की वे स्वयं की इच्छा पर गई है, जबकी एक बालिका को पूछने पर उसने कहां की वह खाना अच्छा बनाती थी, हमें उनसे कोई शिकायत नही है। जबकी हकीकत बात यह है की संस्था प्रधान ने उन रसोईयों को खाना बनाने के लिए बच्चिायों का सहारा लेने को कहा था, जब उन्होंने मना किया तो मीना शर्मा को यह बात अखर गई और उसने महिला कार्मिकों को कार्य मुक्त कर दिया।

मीडिया से भी हुई रूबरू
इस दौरान आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहां की इस केजीबी की लम्बे समय से शिकयत आ रही थी, जिसका औचक निरिक्षण किया गया, यहां बच्चियों के साथ मारपीट हुई है यहां की व्यवस्था तक ठीक नही है जिसकों लेकर अधिकारी सीबीईओ रूघाराम मीणा एवं एडीपीसी प्रकाश सिंघाडिया को कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।

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